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़श्रीलंका में हिट है राम-सीता टूर

गाढ़ा लाल वस्त्र पहने लंबी काली जटाओं वाले बाबा ध्यान मग्न हैं। उनकी नजर ठीक सामने नाच रही सुंदर युवा नर्तकियों की विभिन्न भाव भंगिमाओं से हटाए नहीं हट रही है। बाबा के इर्द गिर्द उनके चेले हैं जो नर्तकियों को नहीं बल्कि बाबा के चेहर पर नर्तकियों को देखकर उतर रहे विभिन्न भावों को ध्यान से देख रहे हैं। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे भारत के सबसे बड़े पर्यटन मेले में श्रीलंका पर्यटन का पूरा जोर इस बार भगवान श्रीराम पर है। वृन्दावन से आए बाबा और उनके चेले श्रीलंका पर्यटन स्टॉल के सामने वहीं के पर्यटन बोर्ड द्वारा आयोजित नृत्य के संक्षिप्त कार्यक्रम को देखकर खिसक लेते हैं। श्रीलंका पर्यटन विकास निगम के डायरक्टर जनरल एस.कलइसेलवम खुश होकर बताते हैं कि वृन्दावन से चार अन्य बड़े स्वामी उनके पास रामकथा से जुड़ी जगहों के भ्रमण की जानकारी लेने आने वाले हैं। पिछले तीन -चार महींनों में जब से श्रीलंका पर्यटन बोर्ड ने भगवान राम, सीता, हनुमान और रावण से जुड़ी श्रीलंका की जगहों के पर्यटन को बढावा देने में लगा है, तब से श्रीलंका जाने वाले भारतीय धार्मिक पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है। श्रीलंका में भारतीयों की दिलचस्पी बढ़ाने में भारत के कुछ खबरिया चैनलों का बड़ा योगदान है। क्या श्रीलंका पर्यटन ने इन चैनलों से कोई गठाोड़ किया था? पूछने पर इंकार करते हुए कहते हैं कि इन चैनलों ने श्रीलंका आकर खबरं करने की इच्छा जतायी थी। बहरहाल, भगवान राम की महिमा से श्रीलंका पर्यटन की चांदी हो गई है। श्रीलंका पर्यटन विकास के प्रमुख एस.कलइसेवलम ह्यहिन्दुस्तान से कहते हैं, ह्यइस साल 3000 लोग श्रीराम से जुड़ी जगहों ( अशोक वाटिका वगैरह) को देखने के लिए आए। हमारा लक्ष्य है कि अगले तीन सालों में हर साल 50,000 भारतीय राम सीता टूर के लिए आएं। उनके साथ इस पर्यटन मेले में श्रीलंका के 11 टूर ऑपरटर भी आए हैं और सब के सब ह्यराम सीता टूर बेचने में लगे हैं। कोलंबा के टूर ऑपरटर किशन पररा 7 दिन के ह्यराम सीता टूर के लिए प्रति व्यक्ित करीब 348 डॉलर (करीब 14,000 रुपये) लेते हैं। तभी स्टॉल पर माहौल को और राम मय बनाने लिए रामायण की चौपाइयों वाली सीडी चला दी जाती है।

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