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इराक बने इस्लाम का गढ़ : जवाहिरी

अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन अल-कायदा के दूसर प्रमुख नेता आयमन अल जवाहिरी ने इराक पर अमेरिकी हमले के पांच वर्ष पूर होने के मौके पर जारी एक टेप में इराक को इस्लाम का गढ़ बनाने का आह्वान किया है। इस आडियो टेप में कहा गया है कि यह मुस्लिमों का सबसे अहम कर्तव्य है। साथ ही इसमें यह भी कहा गया है कि इराक युद्ध में अमेरिका को सिवाए हार और नाकामी के कुछ भी हाथ नहीं लगा है। जवाहिरी ने इराक से इन गर्मियों में अमेरिकी सुरक्षाबलों की प्रस्तावित वापसी टालने के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के फैसले का मखौल उड़ाते हुए कहा कि बुश हार कबूलने से घबरा रहे हैं और अपनी विफलता अपने उत्तराधिकारी के सिर मढ़ना चाहते हैं। जवाहिरी ने कहा कि अमेरिका चाहे इराक में रहे या जाए लेकिन उसे नाकामी के सिवाय कुछ हासिल होने वाला नहीं है। इस्लामी गुटों की एक वेबसाइट पर जारी इस ऑडियो संदेश में जवाहिरी ने कहा कि अमेरिकी सेनाएं अगर यहां से चली गईं तो सब कुछ खो देंगी और यहीं रुकी रहीं तो काल का ग्रास बनेंगी। बुश ने अपनी सेना और खुद को दो बार चुनने वाली देश के जनता के लिए यही भविष्य तय किया है। बहरहाल, इस टेप की सत्यता की जांच तत्काल नहीं हो सकी है। जवाहिरी ने इस टेप में अमेरिका की उन उम्मीदों का भी मखौल उड़ाया है कि इराकी परिषदों में आई जागृति तथा अलकायदा का मुकाबला करने के लिए गठित की गईं सुन्नी अरब कबायली गुटों की सुरक्षा इकाइयां देश में स्थायित्व लाएंगी।

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