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नगर निगम के सैरातों से हो रही अवैध वसूली

नगर निगम की सैरातों से वसूली पर लगी रोक कागजों में ही सिमट कर रह गयी है। सैरातों से अवैध वसूली जारी है। निगम प्रशासन अवैध वसूली पर रोक लगाने में फेल है। चुनाव आचार संहिता की वजह से वित्तीय वर्ष 2000 के लिए सैरातों की नीलामी नहीं हो सकी। निगम प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर 2007-08 की बंदोबस्ती राशि पर 15 फीसदी बढ़ाकर पिछले ठेकेदारों को ही दो माह का एक्सटेंशन दिया। अब ठेकेदार न तो निगम में पैसा जमा कर रहे हैं और न ही वसूली बंद की है। जिन सैरातों के लिए पैसा नहीं जमा किया गया है, उसकी विभागीय वसूली कराने का निर्देश चारों अंचलों को दिया गया है। इस बार में अपर नगर आयुक्त बैद्यनाथ दास का कहना है कि एक्टेंशन दिये जाने के बावजूद मात्र पांच फीसदी ठेकेदारों ने ही दो महीने के लिए पैसा जमा किया है।ड्ढr ड्ढr सैरातों की नीलामी में ठेकेदार रुचि नहीं ले रहे हैं। इस बार में मेयर संजय कुमार ने बताया कि चुनाव आयोग से अनुमति लेकर सैरातों की नीलामी करने के लिए कई बार निगम प्रशासन को पत्र लिखा गया लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। सैरातों की अवैध वसूली पर लगी रोक को कड़ाई से पालन करने के लिए बुलाई गई समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त नहीं आये। ऐसी स्थिति में अवैध वसूली बंद होना संभव नहीं दिखता है। उन्होंने बताया कि शौचालय, कार पार्किंग व टेम्पो स्टैंड पर अवैध वसूली हो रही है।

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  • Web Title: नगर निगम के सैरातों से हो रही अवैध वसूली