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मोबाइल एयरपोर्ट की दस्तक शीघ

भारत के एविएशन सेक्टर में जल्द ही मोबाइल एयरपोर्ट के दस्तक पड़ने वाले हैं। चेक गणराज्य देश के उत्तर-पूर्व राज्यों में अपनी नवीनतम विशेषज्ञता को पेश करने जा रहा है। मध्य यूरोप में स्थित चेक गणराज्य को इस क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल है। उसने एसे एयरपोर्टों के निर्माण की योजना बनाई है जिन्हें ट्रकों पर ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है तथा 20 मिनटों के भीतर मिजोरम तथा मेघालय जसे उत्तर पूर्व के राज्यों में कहीं भी ले जाया जा सकता है।ड्ढr चेक गणराज्य के राजदूत हैनेक मोनीसेक ने कल बताया कि हम इस क्षेत्र के लिए इच्छुक हैं क्योंकि भारत में चेक नागरिक हर जगह फैले हुए हैं लेकिन उत्तर पूर्व राज्यों में उनकी उपस्थिति न के बराबर है। उन्होंने कहा कि चेक गणराज्य एसे इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट कंट्रोल तथा मोनीटरिंग सिस्टम और मोहाइल एयरपोर्ट मुहैया कराता है जिसे ट्रकों पर ढोया जा सकता है तथा 20 मिनटों के भीतर निर्मित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हम एवियेशन क्षेत्र में 20वी सदी के प्रारंभ से ही लगे हुए हैं। उन्होंने कहाा कि पोर्टेबल हेलीपोर्टे्स तथा मोबाइल एयरपोर्ट के क्षेत्र में हमारी विशेषज्ञता को दुनिया भर में स्वीकार किया जाता है। समझा जाता है कि ये पोर्टबल एयरपोर्ट 26 से 40 टन के एयरक्राफ्ट का बोझ सहन कर सकते हैं। चेक एवियेशन कंपनियां 27 देशों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। राजदूत, कामर्शियल काउंसलर व्लादिमीर जेनिस्ता तथा थर्ड सेक्रेटरी (कामर्शियल) जित्का जामेनाकोवा इन दिनों इस क्षेत्र के दौर पर हैं । उनकी मुख्यमंत्री, बिजली तथा खनन विभाग, नीप्को तथा एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया के अधिकारियों से मुलाकात हुई। चेक गणराज्य की माइक्रो हाइडल परियोजनाओं, एयरपोर्ट इक्िवपमेंट तथा फूड प्रोसेसिंग में विशेषज्ञता को बैठक में रखांकित किया गया।ड्ढr राजदूत ने कहा कि हमारी यात्रा के दौरान एक एक्शन प्लान बनाया जाएगा जिसके बाद इस वर्ष के अक्तूबर में इस क्षेत्र में चेक के व्यावसायियों का दौरा होगा।

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