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14 जुलाई, 2020|9:40|IST

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नौ वर्षों में अभियुक्तों के कुनबे भी पहुंचे तबाही के कगार पर

नौ वर्षों में अभियुक्तों के कुनबे भी पहुंचे तबाही के कगार पर

मंजूनाथ हत्याकांड के सभी दोषी गोला शहर के रहने वाले हैं। मंजूनाथ केस में शामिल होने से पहले इनके परिवारों की जिंदगी बदल चुकी है। मुकदमा लड़ने में उनकी जमा-पूंजी जाती रही और अब जिंदगी के वे सवाल सामने हैं, जिनके बारे में शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद ‘हिन्दुस्तान’ के अविनाश वर्मा ने इस ओर नजर डाली। हालांकि इनके घरवाले मीडिया से बात करने को राजी नहीं हुए।

उजड़ चुका है पवन मित्तल का पूरा कुनबा
इस केस के मुख्य आरोपी पवन मित्तल का घर मोहम्मदी रोड पर है। पवन के पिता सुलक्षण मित्तल की सवा साल पहले मौत हो चुकी है। घर पर उसकी मां आदर्श कुमारी और बीवी मोनिका है। पवन के तीन बच्चे हैं। पवन की पत्नी एक पब्लिक स्कूल में पढ़ा रही है। बेटे को सजा और पति की मौत के बाद आदर्श कुमारी अपने उजड़े कुनबे पर आंसू बहाती हैं।

छात्र नेता से जेल तक का सफर
इस केस को दूसरा अभियुक्त देवेश अग्निहोत्री गोला के सीजीएनपीजी डिग्री कालेज का छात्रनेता था। चुनाव भी लड़ा लेकिन पदाधिकारी नहीं बन सका। बुधवार को देवेश के घर पर ताला लटका था। देवेश के पिता की भी मौत हो चुकी है। घर पर उसकी पत्नी और एक बच्ची रहती है।

शब्द गुम हो गए हैं राजेश के परिवार के
इस केस के अन्य अभियुक्त राजेश वर्मा का मकान मिल बाइपास पर है। घर पर राजेश का भाई मुकेश मिला। राजेश भी प्राइवेट तौर पर कुछ काम किया करता था और इस केस में जेल चला गया। परिवार के लोग सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खामोश दिखाई दिए।

प्राइवेट कर्मचारी था विवेक शर्मा
इस केस का एक और आरोपी विवेक शर्मा प्राइवेट तौर पर नौकरी करता था। मोहल्ला पश्चिमी दिक्षिताना में विवेक का मकान है। बुधवार को घर का दरवाजा खुलवाया गया लेकिन कुछ देर बाद बंद हो गया। अब घर की हालत खराब है। विवेचक के भी तीन बच्चे हैं, जिन्हें पिता का चेहरा याद नहीं।

काम करने गया था और क्या कर बैठा 
गोला के तीर्थ मोहल्ले में रहने वाला इस केस का अन्य अभियुक्त लल्ला गिरि उर्फ शिवकेश गिरि का परिवार भी इस मामले में ज्यादा कुछ बताने की स्थिति में नहीं था। उसका भाई घर पर मिला। उसने बताया कि लल्ला तो पम्प पर काम करने गया था लेकिन वहां जाने क्या कर बैठा।

अहम
मंजूनाथ की डेड बॉडी पर 11 चोटें पाई गई थीं।
मंजूनाथ के शरीर पर छह फायर इंजरी थीं
दो गोलियां आर-पार निकल गई थीं।
तीन सामान्य चोटें आई थीं मंजूनाथ के जिस्म में
अभियोजन की ओर से 22 गवाह पेश किए थे
इनमें से दो गवाह मुकर गए

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