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10 जुलाई, 2020|12:11|IST

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फैसले के वक्त कोर्ट में थे गुनाहगार

फैसले के वक्त कोर्ट में थे गुनाहगार

जिस दिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना था, उसी दिन मंजूनाथ के सभी गुनहगार सीजेएम कोर्ट में पेशी पर गए थे। कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई चल ही रही थी कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया। सुप्रीम कोर्ट ने मंजूनाथ के सभी हत्यारों को उम्रकैद की सजा सुना दी। सजा का फरमान आते ही सभी हत्यारों के चेहरे लटक गए।

आईओसी अफसर मंजूनाथ के हत्यारे पवन कुमार उर्फ मोनू मित्तल, राजेश वर्मा, विवेक शर्मा, शिवकेश उर्फ लल्ला, राजेश आनंद और देवेश अग्निहोत्री जिला जेल में बंद हैं।

सभी हत्यारों को मंजूनाथ हत्याकांड में हाईकोर्ट से उम्रकैद की सजा हो चुकी है। सभी का एक धोखाधड़ी का मुकदमा सीजेएम कोर्ट में चल रहा है। उधर सजा से बचने के लिए सभी हत्यारे सुप्रीम कोर्ट गए थे। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना था। सीजेएम कोर्ट में धोखाधड़ी के मुकदमे की सुनवाई थी। सुबह उठकर सभी हत्यारों ने जेल में अपनी-अपनी बैरकों में पूजा-पाठ किया। करीब 10 बजे पेशी के लिए सीजेएम कोर्ट आ गए। सीजेएम कोर्ट में धोखाधड़ी के मुकदमे की सुनवाई चल ही रही थी कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया। फैसला सुनते ही सभी हत्यारे मायूस होकर कोर्ट परिसर में ही बैठ गए। करीब पांच घंटे तक धोखाधड़ी के मुकदमे की सुनवाई चली। मुकदमे की सुनवाई खत्म होते ही सभी हत्यारे शाम करीब पांच बजे जेल ले आए गए।

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