ब्रॉडबैण्ड फ्री ट्रॉयल के नाम पर उपभोक्ता ठगे - ब्रॉडबैण्ड फ्री ट्रॉयल के नाम पर उपभोक्ता ठगे DA Image
7 दिसंबर, 2019|7:50|IST

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ब्रॉडबैण्ड फ्री ट्रॉयल के नाम पर उपभोक्ता ठगे

बीएसएनएल की एक लोक लुभावन घोषणा हाारों फोन उपभोक्ताओं के लिए परशानी का सबब बन गई। नए बॉडबैण्ड कनेक्शन पर 15 दिन तक असीमित अपलोड व डाउनलोड करने की सुविधा मिलने के बजाए पहले ही दिन से उसका बिल आने से लोग सकते में हैं। ऐसे उपभोक्ता अब अपना कनेक्शन कटवाने के लिए ग्राहक सेवा केन्द्रों के चक्कर काट रहे हैं।ड्ढr बीएसएनएल ने पहली मार्च से लेकर 30 अप्रैल तक नया ब्रॉडबैण्ड कनेक्शन लगवाने वाले उपभोक्ताओं को 15 दिन तक असीमित डाउनलोडिंग व अपलोडिंग की सुविधा की घोषणा की थी। एक्िटवेशन चार्ज से भी छूट दी गई थी। बगैर किसी मासिक किराए के टाइप वन मॉडम भी दिया गया था। आदेश जारी होने के बावजूद (पत्र संख्या 115-2004 दिनांक 07 मार्च 2008) बिलिंग प्रणाली के सॉफ्टवेयर में 15 दिन के डाउनलोडिंग व अपलोडिंग की रीडिंग न करने की व्यवस्था नहीं की गई। राजधानी की बिलिंग सेवा के डीाीएम जीपी मिश्र असीमित फ्री डाउनलोडिंग सम्बंधी आदेश होने से ही इनकार कर रहे हैं। श्री मिश्र संचार निमग मुख्यालय के 2रवरी के पुराने आदेश को ही बिल का आधार मान रहे हैं जबकि इस आदेश के बाद सात मार्च को फ्री ट्रॉयल का आदेश जारी किया जा चुका था। पूर्वी परिमण्डल को छोड़कर अन्य कई राज्यों ने अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर में इसके इंतजाम पहले से ही कर लिए थे जिससे वहां के लोगों को कोई दिक्कत नहींे हुई। अन्य राज्यो ंमें कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर में फ्री ट्रॉयल के बाद 16वें दिन से दोबारा स्थाई कनेक्शन दिए जाने के प्रबंध पहले से ही हैं। राजधानी में बीएसएनएल के बिलिंग सेवा से जुड़े अफसरों की लापरवाही के चलते हाारों उपभोक्ताओं की नींद उड़ गई है। परिमण्डल के महाप्रबंधक (विपणन) राजेश कुमार भी पहले दिन से फ्री ट्रॉयल के दौरान बिल आने पर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं। प्रधान महाप्रबंधक सुनील परिहार का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं के फ्री ट्रॉयल अवधि के बिल आ गए हैं उन्हें माफ कर दिया जाएगा।

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