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लिट्टे गांधी परिवार के प्रति उदारता बरते : कांग्रेस

ांग्रेस के नेताआें का कहना है कि लिट्टे को अब गांधी परिवार की उदारता को समझना चाहिए और उन्हें इस परिवार के प्रति घृणा और द्वेष की भावना को त्याग देना चाहिए। वर्ष 1में प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भारतीय शान्ति सेना को श्रीलंका भेजने के लिए हुई भारत-श्रीलंका संधि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके बाद गांधी परिवार लिट्टे की आंखों में खटकने लगा था। राजीव गांधी हत्याकांड मामले की जांच करने वाली केन्द्रीय जांच ब्यूरो की विशेष जांच टीम-एसआईटी ने भी इस बात का खुलासा किया कि श्रीलंका के तमिल क्षेत्रों में भारतीय शांति सेना जाने के बाद लिट्टे गांधी परिवार से काफी नफरत करने लगा था। राजनीतिक हलकों मंे प्रियंका गांधी की नलिनी से मुलाकात को लिट्टे के साथ गांधी परिवार के प्रति कड़वाहट को खत्म करने की दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है। श्रीमती वढेरा की नलिनी से मुलाकात से पर्दा उस समय उठा जब केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री अजरुन सिंह ने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को वर्ष 200में होने वाले लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने की वकालत की थी। द्रविड मुनेत्र कषगम प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.करुणानिधि ने भी सिंह के इस सुझाव का समर्थन किया था और कहा था कि यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते है तो उन्हें खुशी होगी। हालांकि कांग्रेस नेताआें का कहना है कि लिट्टे जातीय मसला सुलझाने के लिए जबतक हिंसा छोड़कर वार्ता के लिए नहीं आगे आता है, तबतक कांग्रेस की नीति में कोई बदलाव नहीं आएगा।ड्ढr

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