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पीएम बन सकते हैं जरदारी

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी ने कहा कि वह आगामी संसदीय उपचुनाव में हिस्सा लेंगे तथा जरूरत पड़ी तो प्रधानमंत्री का पद भी संभाल लेंगे। ब्रिटिश न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में जरदारी ने कहा कि वह और उनकी बहन उपचुनाव में बेनजीर भुट्टो की पारंपरिक सीट संख्या 270 से पर्चा दाखिल करेंगे। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि ऐसा अनिवार्य नहीं है कि सत्ताधारी पार्टी का अध्यक्ष प्रधानमंत्री बने, लेकिन जरूरत पड़ी तो वह जिम्मेदारी संभाल भी सकते हैं। गौरतलब है कि जरदारी भुट्टो के प्रधानमंत्रित्व काल में मंत्री रह चुके हैं। इसके बाद उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। वे सभी आरोप में हाल ही में खारिज कर दिए गए। जरदारी ने कहा कि उनका प्रधानमंत्री बनना आवश्यक नहीं है, हालांकि उन्होंने इसकी संभावना से इंकार भी नहीं किया। यह पूछने पर कि क्या वह प्रधानमंत्री नहीं बनने की प्रतिबद्धता व्यक्त कर रहे हैं, जरदारी ने कहा कि वह ऐसी कोई प्रतिबद्धता नहीं व्यक्त कर रहे हैं कि वह प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे। ऐसा जरूरी नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ी तो वह प्रधानमंत्री बन भी सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रपति के मुद्दे पर यथास्थिति बनाए रखेगी, लेकिन संसद में दो तिहाई बहुमत मिलने की स्थिति में राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग लाने पर जरूर विचार करगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अपदस्थ जजों ने लोकतंत्र पर खतरे की वजह से राष्ट्रपति के खिलाफ संघर्ष नहीं छेड़ा था, बल्कि अपने स्वार्थों के कारण ऐसा किया था, लेकिन फिर भी वह उनकी बहाली के हक में हैं। जरदारी ने साफ कहा कि उनके पास राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का मुकाबला करने का अधिकार नहीं है। उनके पास इतने अधिकार नहीं कि वह राष्ट्रपति, संसद और सरकार के संबंधों को प्रभावित कर सकें। उनकी पार्टी के पास दो तिहाई बहुमत नहीं है। मुशर्रफ और पाकिस्तान की नई सरकार के बीच टकराव की नीति से यहां अस्थिरता का दौर लंबा खिंच सकता है। जरदारी ने कहा कि उनकी पार्टी टकराव का रास्ता अपनाकर देश को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाना चाहती।

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