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भाजपा कार्यालय किसी की जागीर नहीं

‘.चंगू-मंगू’ कहां है जी? दोपहर के वक्त भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पहुंचते ही विधायक नित्यानंद राय वहां मौजूद कर्मियों से सवाल दागते हैं। देखो तो कहीं एसी में बैठा होगा दोनों। उनकी तलाश क्षेत्रीय संगठन प्रभारी और गिरिराज सिंह के कक्ष में होती है। तभी ‘मंगू’ उनके सामने पड़ जाते हैं। श्री राय उनसे पूछते हैं-तुम्हारा पार्टनर ‘चंगू’ कहां है जी! सुने हैं दिल्ली गया है।ड्ढr मंत्रिमंडल पुनर्गठन को लेकर पहले से गरमाए भाजपा कार्यालय में इसके बाद शुरू होता है श्री राय का हाईवोल्टेज ड्रामा। टेबल पर मुक्का मारते हुए वह कभी सीरियस हो जाते हैं तो कभी हंसते हुए ‘लाइट’! उनका ‘मूड’ भांपकर वहां कुछ और नेता-कार्यकर्ता जमा हो जाते हैं। फिर चालू हो जाते हैं श्री राय! उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के करीबी लोगों पर वह जमकर भड़कते हैं। कहते हैं-यह भाजपा दफ्तर है। किसी नेता विशेष की जागीर नहीं है। सार कार्यकर्ताओं का इस पर हक है। कुछ लोगों का मन बढ़ गया है।ड्ढr ड्ढr जो नेता, विधायक और मंत्री उनकी बात नहीं मानता उसके खिलाफ वे अनाप-शनाप बोलते हैं। गाली बकते हैं। आइंदा ऐसा हुआ तो होश ठिकाने लगा देंगे। फिर वहां जमा पार्टी कार्यकर्ताओं से पूछते हैं कौन-कौन अपशब्द बोलता है जी! नेताओं की बोलती बंद है। किसी को जवाब नहीं सूझ रहा है। इस बार में संपर्क किए जाने पर श्री राय ने कहा कि कहने को यह पार्टी का प्रदेश मुख्यालय है मगर कोई व्यवस्था ही नहीं है। सीनियर-जूनियर का कोई लिहाज ही नहीं। अपने आकाओं के बल पर उनके ‘कारिंदे’ कूदते रहते हैं। कुछ तो सुबह ही आ जाता है और दिन भर बैठा रहता है। यहीं भोजन-नाश्ता करके कुर्सी तोड़ता रहता है और जासूसी करता है। लगता है राजनीतिक पार्टी न होकर किसी कंपनी का कारपोरट आफिस हो।

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