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संघ छेड़ेगा रामसेतु पर लड़ाई

सेतु समुद्रम परियोजना से राम सेतु को बचाने के लिए कानूनी लड़ाई के साथ ही भगवान राम में आस्था रखने वाले संगठनों और साधु-संतों को एकाुट करने की कवायद शुरू हो गई है। राम सेतु को ऐतिहासिक राष्ट्रीय धरोहर घोषित कराने के लिए विश्व हिंदू परिषद ने तो आगामी चुनावों में इसे प्रमुख मुद्दा बनाने के संकेत भी दिए हैं।ड्ढr राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के सर कार्यवाह मोहन भागवत, विश्व हिन्दू परिषद के महामंत्री अशोक सिंघल और स्वामी दयानंद सरस्वती ने राम सेतु के बार में रविवार को एक कार्यक्रम में अपना नजरिया साफ किया।ड्ढr इन सभी ने दो टूक शब्दों में कहा कि राम सेतु की रक्षा के लिए एकाुट होकर संघर्ष करना है और यह संघर्ष चुनाव के दौरान भी चलेगा। मतलब साफ है कि कर्नाटक से लेकर मध्य प्रदेश और राजस्थान की विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनावों तक रामजन्म भूमि की तरह ही राम सेतु को मुद्दा बनाया जाएगा।ड्ढr यह कार्यक्रम जनता पार्टी के अध्यक्ष डा. सुब्रह्मण्यम स्वामी की ‘राम सेतु: राष्ट्रीय एकता का प्रतीक’ पुस्तक के लोकार्पण के लिए आयोजित किया गया था।ड्ढr डा. स्वामी ने प्रधानमंत्री के अधीन अंतरिक्ष विभाग की 2006 की एक पुस्तक में शामिल राम सेतु के बार में उपग्रह से लिए गए चित्रों को भी अपनी पुस्तक में शामिल किया है। उन्होंने पुस्तक की प्रतियाँ सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को भी सौंपी हैं।ड्ढr संघ के सर कार्यवाह मोहन भागवत ने एकाुट होकर राम सेतु की रक्षा का आह्वान करते हुए कहा कि सेतु को छेड़े बिना भी सेतु समुद्रम परियोजना पूरी की जा सकती है। विहिप नेता अशोक सिंघल ने कहा कि यह हमारी प्राचीन संस्कृति को नष्ट करने की साजिश है।

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