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रूसी राष्ट्रपति पुतिन के जवां चेहरे का खुला राज

रूसी राष्ट्रपति पुतिन के जवां चेहरे का खुला राज

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 62 साल की उम्र में भी अपेक्षाकृत जवां दिखते हैं। उनकी इस खूबसूरती का राज वर्ष 2010 में कराई गई कॉस्मेटिक सर्जरी है। यह खुलासा एक डॉक्यूमेंट्री ‘पुतिन: द मैन’ में किया गया है। 

पुतिन पर बनी इस डॉक्यूमेंट्री के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति बुढ़ापे की वजह से चेहरे पर बनी झुर्रियों से काफी डरे हुए थे । वह इन्हें हटाने के लिए हर संभव उपाय करने को तैयार थे। इसी कड़ी में पुतिन ने अपने चेहरे की त्वचा को जवां रखने के लिए वर्ष 2010 में कॉस्मेटिक सर्जरी कराई। जीवनी लेखक बेन जूडा ने डॉक्यूमेंट्री में बताया कि  पुतिन बढम्ते उम्र की वजह से शरीर को होने वाले नुकसान से बहुत अधिक भयभीत रहते हैं। वह बढ़ते उम्र  से घबराए हुए थे। यही वजह है कि उन्होंने 2010 में गुप्त रूप से सर्जरी कराई।

सतासी पुलिस थाने में मौजूद फाइलों और पूर्व केजीबी अधिकारियों के हवाले से डॉक्यूमेंट्री में दावा किया गया है कि पुतिन अपने लुक लेकर बहुत सतर्क है। वह ठंडे और गर्म पानी से नियमित स्नान करते हैं। अमेरिका में बने आधुनिक उपकरणों की मदद से नियमित व्यायाम करते हैं।

जर्मन टीवी कंपनी जेडीएफ द्वारा तैयार ‘पुतिन : द मैन’ नामक डॉक्यूमेंट्री में दिखाया गया है कि कैसे सेंट पीटर्सबर्ग की झुग्गी में रहने वाले पुतिन देश की सबसे तकतवर खुफिया एजेंसी केजीबी के जासूस बने।

पत्नी को पीटते थे: डॉक्यूमेंट्री में दावा किया गया है कि पुतिन का अपनी पूर्व पत्नी ल्यूडमिला से संबंध बेहतर नहीं थे। वह उन्हें पीटा करते थे। उल्लेखनीय है कि हाल में ल्यूडमिला से उनकी दो बेटियां हैं और पिछले साल दोनों का तलाक हो गया था।

शराब के नशे में रहते थे धुत्त : केजीबी में नौकरी के दौरान पुतिन हमेशा शराब के नशे में धुत्त रहते थे। केजीबी में जासूस रहने के दौरान उनके वरिष्ठ रहे एक अधिकारी ने बताया कि वर्ष 1985 से 1990 तक पुतिन तत्कालीन पूर्वी जर्मनी के दारसेन शहर में तैनात थे। उस समय की एक घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक अधिकारी के जन्मदिन पार्टी में पुतिन ने उनकी बेटी को जबरन गले लगा लिया। बाद में उनके साथियों ने बीचबचाव किया और बताया कि पुतिन ने यह सब शराब के नशे में किया था।

लापरवाह भी कम नहीं : डॉक्यूमेंट्री में कहा गया कि पुतिन बेहत आलसी प्रवृत्ति के थे।  वह देर रात को सोते हैं और दोपहर बाद ही कोई काम करते थे। लापरवाही का आलम यह था कि उन्होंने केजीबी की अतिसंवेदनशील फाइलों का बंडल गुम कर दिया था। मिलने के समय पर पहुंचना भी उन्हें नहीं भाता था। यही वजह है कि एक बार उन्होंने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को भी करीब आधे घंटे तक इंतजार करवाया।

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