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कागजी विवाह है भारतीय कामगारों का नायाब नुस्खा

पूर्वी उत्तर प्रदेश के कामगारों ने थाईलैंड में लंबे समय तक रहने या कारोबार करने के लिए एक नायाब नुस्खा ईााद किया है। यह है- भाड़े पर विवाह करना। थाईलैंड को परिणय सूत्र में बंधने के लिए न केवल एक खूबसूरत स्थान माना जाता है बल्कि वहां शादी की प्रक्रिया भी बेहद सरल है। किसी स्थानीय लड़की से विवाह का करार करने पर बाहरी कामगार को एक साल का ‘विवाह वीजा’ मिल जाता है। इस वीजा को हर साल बढ़वाना भी कोई कठिन काम नहीं है। यह बात दूसरी है कि कुछ स्थानीय लड़कियां इसके लिए 50,000 रुपये से लेकर 1,00,000 रुपये तक का एकबारगी नगदी भुगतान मांगने के अलावा कुछ अन्य सख्त शर्ते भी लगा देती हैं। कुछ तो मासिक भुगतान की मांग करती हैं। 1में एक कंपनी के वीजा पर थाईलैंड गए प्रभुनाथ राय के बेटे और एक स्थानीय व्यापारी अरविंद कुमार राय बताते हैं, ‘वहां ऐसी महिलाएं भी हैं, जो भारतीय कामगारों को केवल इस नाते मदद करने के लिए तैयार हो जाती हैं कि वे उनके भगवान बुद्ध के देश से आए हैं। यहां बरहलगंज कस्बे में शटर बनाने का काम करनेवाले राम प्रताप गिरि बताते हैं कि बैंकाक में स्थानीय एजेंट इस तरह की शादियों का पंजीकरण कराने में मदद करते हैं। वह बताते हैं कि दोनों ओर के परिवार वाले भी इस तरह के विवाहों को अपनी मंजूरी दे देते हैं क्योंकि यह सिर्फ कागजों पर ही होते हैं। लेकिन कई दफे यह नुस्खा खासा भारी भी पड़ जाता है।ं

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  • Web Title: कागजी विवाह भारतीय कामगारों का नुस्खा