DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

प्राइवेट कालेजों पर लगे अंकुश

प्राइवेट कालेजों और संस्थानों में उच्च शिक्षा की फीस मनमाने ढंग से बढ़ाए जाने पर राज्यसभा सदस्यों ने गहरी चिंता जताई। राज्यसभा सदस्यों ने इस पर नियंत्रण पाने के लिए रगुलेटरी अथॉरिटी बनाने की मांग की। सोमवार को सदन में प्रश्नकाल के दौरान कई सदस्यों ने इस बात पर आक्रोश व्यक्त किया कि सरकार शिक्षा की दुकानों को नियंत्रित करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। ये शिक्षण संस्थान दिन प्रति दिन अपनी फीस बढ़ाते जा रहे हैं और आम आदमी के बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। इन संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता भी धीर-धीर गिर रही है।ड्ढr सदस्यों की चिंता पर मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डी.पुरंदेश्वरी ने कहा कि अभी तक ऐसा कोई कानून नहीं है जिसके तहत कार्रवाई की जा सके। सरकार इस पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रो.यशपाल की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के कामकाज की समीक्षा करगी। हम उनकी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रगुलेटरी अथॉरिटी के संबंध में उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई मंत्रालय और संस्थानों से बातचीत चल रही है। इस बार में कोई सर्वानुमति होने पर ही फैसला लिया जाएगा। इससे पूर्व कांग्रेस की सईदा अनवर तैमूर, सपा के अमर सिंह, भाजपा की नजमा हेपतुल्ला और जद (यू) के के.पी.एन.के. सिंह ने कहा कि आज प्राइवेट शिक्षण संस्थान पैसा कमाने का जरिया बन गए हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: प्राइवेट कालेजों पर लगे अंकुश