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ईरान-भारत में होगी वार्ता

ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनिजाद 2अप्रैल को भारत आएंगे। श्रीलंका से वापस ईरान लौटने हुए भारत में उनके संक्षिप्त प्रवास को अत्यंत कूटनीतिक महत्व का माना जा रहा है। इस समय यूरनियम एनरिचमेंट के मसले पर ईरान अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कगार पर खड़ा है और भारत ने इस कठोर नीति का विरोध किया है। अहमदीनिजाद की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाकात तय है। ईरान से पाकिस्तान से होकर आने वाली 2700 किलोमीटर प्रस्तावित गैस पाइपलाइन पर भी पीएम से उनकी अहम बातचीत होगी। इस मामले में ईरान ने कठोर रुख अपनाया हुआ है। विश्व में क्रूड ऑयल का भाव 117 डालर पहुंच जाने के दौर में ईरान ने भी अपनी गैस की कीमत दो गुनी मांगनी शुरू कर दी है, उससे इस पाइपलाइन के जरिये गैस हासिल करने की संभावना एक बार फिर से धूमिल हो चुकी है। इस पर तुर्रा यह कि पाकिस्तान से ट्रांजिट फीस का मसला भी नहीं सुलझ रहा।ड्ढr भारत ने कीमत के सवाल पर ईरान से अपने परंपरागत रिश्तों की दुहाई दी है। लेकिन 2005 में इंटरनेशनल एटोमिक इनर्जी एजेंसी में ईरान के खिलाफ मतदान करने के बाद से ईरान ने भारत को पहले जसी तवज्जह देनी बंद कर दी है।

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