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‘युवराज’ राहुल पर कांग्रेस की फचाीहत

राज्यसभा में एक कांग्रेसी सदस्य द्वारा अपने पार्टी महासचिव राहुल गांधी को बार-बार युवराज कहने पर सत्तारूढ़ दल की भारी फाीहत हुई। सरकार के सहयोगी दलों ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस का साथ नहीं दिया और वामपंथी सदस्यों ने भी कांग्रेसी सदस्य के रवैये की आलोचना की। माकपा की वृन्दा करात, जनता दल (यू)के शरद यादव, सपा के अमर सिंह और भाजपा के बलबीर पुंज सहित कई सदस्यों ने कांग्रेसी खेमे क ो याद दिलाया कि भारत में राजा-रानी और युवराजों के दिन कब के लद चुके हैं। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था है। इसमें जनता के चुने प्रतिनिधि ही कानून बनाते हैं। सदस्यों का कहना था कि अब तो पड़ोसी नेपाल में भी बची-खुची राजशाही खत्म हो रही है। एसे में किसी क ो अपने देश में राजा या युवराज कहना लोकतंत्र का अपमान है। राहुल गांधी का महिमामंडन करती कांग्रेस के ई.एम. सुदर्शन नचियप्पन की इस विवादास्पद टिप्पणी से नाराज इन सदस्यों ने कहा कि उन्हें राहुल गांधी से क ोई नाराजगी या परहेा नहीं है। कांग्रेसी सदस्य उनका सम्मान करं, इससे भी उन्हें क ोई गुरा नहीं पर सदन में उन्हें युवराज बताना आपत्तिजनक है। राहुल एक सांसद हैं, युवराज नहीं। शरद यादव ने तो दो कदम आगे बढ़कर यहां तक कहा कि बुंदेलखंड में गरीबों के लिए चिंता जताने वाले दूसर दिन ही कोलकाता जाकर सितारों के साथ आईपीएल क्रिकेट मैच देखते हैं। उन्होंने कहा कि अपने देश में कदम-कदम पर पाखंड है। सियासत में यह और बढ़ गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के राजीव शुक्ला की सफाई और आपत्ति क ो गैरारूरी बताते हुए शरद यादव ने कहा कि पार्टी में नंबर बढ़ाने के लिए वह एसी बातें न करं। यह किसी व्यक्ित विशेष की आलोचना नहीं है। वह तो पाखंड की प्रवृत्ति की आलोचना कर रहे हैं।ड्ढr

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