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ट्रिपिंग दूर करेगी सरकार

ोहर और प्रदूषण से उत्तरी बिजली ग्रिड में ट्रििपग के संकट को दूर करने के लिए सरकार परंपरागत इंसुलेटरों को पोलीमरस से बने हुए इंसुलेटर में बदलने जा रही है। यह जानकारी सोमवार को राज्यसभा में ऊरामंत्री सुशील कुमार शिंदे ने दी। उन्होंने बताया कि पहले जोखिम वाली लाइनों के इंसुलेटरों को बदला जा रहा है। पहले चरण में हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली के निकट की ट्रांसमिशन लाइनों के इंसुलेटरों को बदला जाएगा। श्री शिंदे ने यह जानकारी राज्यसभा में मनोनीत सदस्य श्रीमती शोभना भरतिया के पूछे गए प्रश्नों के जवाब में दी। श्रीमती भरतिया ने पूछा कि क्या हाल ही में ग्रिड में आई खराबी को देखते हुए केन्द्र ने एक समिति का गठन किया है जो बिजली की लाइनों में गड़बड़ी के कारण शहरों को अंधेर से बचाने के लिए उपाय सुझाएगी? समिति कब तक अपनी सिफारिश सरकार को सौंप देगी? क्या ग्रिड में आई खराबी के कारणों का पता लगाया गया है और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों इसे रोकने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं? श्री शिंदे ने बताया कि केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण ने 14 मार्च को उत्तरी क्षेत्र में 7 व मार्च को हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया था। ट्रांसमिशन लाइनों में ट्रिपिंग का मुख्य कारण उस क्षेत्र का असामान्य मौसम तथा प्रदूषण है। इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों इसे रोकने के लिए सबसे प्रभावित एवं अति संवेदनशील इंसुलेटरों की सफाई करवाई गई है। समिति अपनी रिपोर्ट दो माह के भीतर दे देगी।

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