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दिल्ली से चंडीगढ़ महचा 50 मिनट में

वह दिन दूर नहीं, जब आप मात्र 50 मिनट में नई दिल्ली से चंडीगढ़ तक की रलयात्रा कर सकेंगे। रलवे ने दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर मार्ग पर हाई स्पीड पैसेंजर रलवे कॉरिडोर के निर्माण के प्रस्ताव के नट बोल्ट कसने शुरू कर दिए हैं। इसके निर्माण के लिए टेंडर मंगवाने से पहले की अहम बैठक यहां गुरुवार को होगी। 300 से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटा भरनेवाली यह ट्रेन न केवल यात्रा के घंटों में भारी कटौती करगी बल्कि वह घंटा- दो घंटा समय भी बचाएगी, जो हवाई यात्रा शुरू करने से पहले सुरक्षा जांच में जाता हैं। किराया भी सस्ती से सस्ती एयरलाइन के बराबर या उससे कम ही होगा। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित कॉरिडोर पर कराए गए एक नमूना सव्रेक्षण से यह संकेत मिला है कि यात्री सामान्य किराए से ज्यादा किराया देने के लिए तैयार हैं। सूत्रों के मुताबिक, 6 मई को इस कॉरिडोर के लिए बोली लगानेवाले अपने प्रस्ताव पेश करंगे। इसके 40 दिन के भीतर इसकी व्यावहारिकता की रिपोर्ट तैयार करने और 10 दिन बाद कॉरिडोर बनानेवाले ठेकेदारों का चयन अंतरराष्ट्रीय बोली के जरिए किया जाएगा। रलवे ने इस रूट के अलावा इस तरह की बुलेट ट्रेनों के लिए चार अन्य रूट भी निर्धारित किए हैं। ये रूट हैं, पुणे-मुंबई-अहमदाबाद, हल्दिया-हावड़ा, चेन्नई-बेंगलुरु-कोयम्बटूर-एर्नाकुलम और हैदराबाद-दोरनाकल-विजयवाड़ा-चेन्नइ्र्र। इन चार कॉरिडोर के लिए टेंडर मंगाने की प्रक्रिया अलग से होगी। रलवे सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए जापान की बुलेट ट्रेन टेक्नोलॉजी और फ्रांस व जर्मनी समेत यूरोपीय देशों में इस्तेमाल की जा रहीं टीाीवी टेक्नोलॉजी पर विचार किया जा रहा है।

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