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बहुमंजिली इमारतों में रहेंगे गरीब

सूबे के शहरी गरीबों के दिन इस वर्ष बहुरने ही वाले हैं। इसे केन्द्र सरकार की योजना का असर कहें या उसे लागू करने की राज्य सरकारके पक्के इरादे का नतीजा। प्रदेश के 20 हजार गरीब परिवार अब बहुमंजिली इमारतों में रहेंगे। 15 शहरी निकायों में इमारतों का निर्माण शुरू हो चुका है। हालांकि 124 शहरी निकायों की तुलना में यह संख्या काफी कम है, बावजूद जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (नुर्म) के तहत बन रहीं ये इमारतें गरीबों के लिए तोहफा हैं।ड्ढr ड्ढr नुर्म के अन्तर्गत पटना, दानापुर, फुलवारीशरीफ, खगौल एवं बोधगया के स्लम क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों के लिए बुनियादी सुविधा योजना (बीएसयूपी) को साकार किया जा रहा है। वहीं 10 अन्य निकायों में समेकित आवास एवं गंदी बस्ती विकास कार्यक्रम (आईएचएसडीपी) के तहत इमारतें बन रही है। कांटी, औरंगाबाद, नरकटियागंज, मोतीपुर, रोसड़ा, शेखपुरा, भागलपुर, किशनगंज, बहादुरगंज एवं पूर्णिया शहर में भाग्यशाली गरीबों को ये इमारत नसीब होंगी। पटना नगर निगम के अन्तर्गत सबसे अधिक 11348 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं खगौल निकाय में सबसे कम सिर्फ आवास ही बनेंगे। बीएसयूपी के अन्तर्गत कुल 145आवासों के निर्माण पर 367 करोड़ रुपए खर्च किये जाएंगे। आईएचएसडीपी के तहत 6500 आवासों पर 80.73 करोड़ रुपए खर्च करने का कार्यक्रम है। 2000 गरीब परिवारों को बोघगया, 1562 परिवारों को रोसड़ा, 1487 को बहादुरगंज, 1188 को भागलपुर, 656 को दानापुर, 552 को किशनगंज, 520 को मोतीपुर, 4ो फुलवारीशरीफ, 300 को नरकटियागंज, 2ो पूर्णिया, 247 को औरंगाबाद, शेखपुरा को 207 और 143 गरीब परिवारों को कांटी शहर के बहुमंजिली इमारतों में रहने का सौभाग्य प्राप्त होगा।

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  • Web Title: बहुमंजिली इमारतों में रहेंगे गरीब