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कायदे आजम आज भी प्रासंगिक: नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष जताये संबंधी एनडीए नेता लालकृष्ण आडवाणी के ताजा बयान का समर्थन करते हुए कहा कि कायदे आजम के बयान भावी पीढ़ी के लिए आज भी प्रासंगिक हैं। श्री कुमार का मानना है कि राहुल गांधी को भावी प्रधानमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करने से भी कांग्रस को कोई फायदा नहीं होगा। जनता तैयार है। लोकसभा चुनाव में कांग्रस को ‘पता’ चल जायेगा। पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे.अब्दुल कलाम के सचिव पी.एम.नायर की नयी पुस्तक में तेरहवीं विधानसभा भंग करने की घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने केन्द्र की यूपीए सरकार में शामिल राजद के मंत्रियों पर जमकर प्रहार किया।ड्ढr ड्ढr सोमवार को जनता दरबार में जिन्ना प्रकरण की चर्चा हुई तो मुख्यमंत्री बोले- जब आडवाणी जी की राय है तो हम क्या टिप्पणी देंगे। मैंने तो उनकी पाकिस्तान यात्रा के दौरान भी कायदे आजम पर उनके बयानों का समर्थन किया था। स्वतंत्रतापूर्व दिये गये जिन्ना के बयान आज भी प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेरहवीं विधानसभा भंग करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ही हमारी बातों की पुष्टि हो गयी थी। उक्त फैसले से आहत होकर कलाम साहब ने इस्तीफे का मन बना लिया था जिसकी उनके सचिव की नयी पुस्तक में चर्चा है। इससे तो तमाम चीजें और भी साफ-साफ दिखने लगीं है। इससे लोगों को सबक लेना चाहिए, पर मुझे नहीं लगता कि दिल्ली में बैठे लोग इससे कोई सबक लेंगे। ऐसा सोचने कि वजह भी साफ है। मुझे केन्द्र में यूपीए की सरकार से कोई परशानी नहीं है लेकिन केन्द्र सरकार में राजद के मंत्रियों को बिहार में एनडीए की सरकार बर्दाश्त नहीं हो रही। वे लोग तो बात-बेबात संघीय ढांचे पर हमला करते रहते हैं। जब वे आधी रात में कैबिनेट क८ी बैठक कर विधानसभा को भंग करा सकते हैं तो कुछ भी कर सकते हैं।

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