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पाक में अब अशिक्षित भी लड़ सकेंगे चुनाव

पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल और प्रांतीय असेंबली का चुनाव लड़ने के लिए स्नातक उपाधि की अनिवार्यता को खत्म कर दी है। मुख्य न्यायाधीश अब्दुल हामिद डोगर की अध्यक्षता वाली पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 17 और 25 के तहत इस अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पाकिस्तान में कोई भी चुनाव लड़ सकता है। याचिकाकर्ताआें के वकील कामरान मुर्तजा ने बताया कि सरकार ने 2002 में चुनाव लड़ने के लिए स्नातक उपाधि को अनिवार्य बनाया था। इस साल 18 फरवरी को हुए चुनाव में भी सभी उम्मीदवार स्नातक थे। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले के बाद कहा कि अब अशिक्षित या कम पढ़े लिखे नागरिक चुनाव लड़ सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उप चुनाव में भी उम्मीदवारों के लिए स्नातक उपाधि अनिवार्य नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि जरदारी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर असमंजस की स्थिति थी। वह जिस ‘लंदन स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स एंड बिजनेस’ के बारे में बताते हैं, जहां से उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की उसको ढूंढनें में ब्रिटिश अधिकारी अब तक असफल रहे हैं। इस कानून के बाद जरदारी का चुनावों में भाग लेने का रास्ता साफ हो गया है।

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