अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अतिथि देव का आना

सुबह घर मं एक मित्र का शुभागमन हुआ। कहन लग, दिल्ली-दर्शन क लिए आए हैं। हम समझ गए, कम स कम हफ्ता-पंद्रह दिन क लिए कड॥की मं आटा गीला हान क आसार पैदा हा गए हैं। महंगाई क इस जमान मं मेहमान जबरिया ‘सवा-कर’ क समान लगत हंै। समाचार पत्नी का सुनाया तो उसकी भवं मुद्रास्फीति की तरह तन गईं। इराद भांप हम सहज भाव स बाल, ‘अतिथि दवा भव:’! व बाली दवता हैं, ता किसी मंदिर मं प्राण-प्रतिष्ठा कर दा। वास्तुशास्त्र क हिसाब स घर मं दवता की प्राण-प्रतिष्ठा शुभ नहीं है। दवता घर मं रहगा, ता चढ़ान क लिए पान-सुपारी चाहिए। यहां ता दाल-आट क भी टाट हैं। पत्नी क त्रासद वचन सुन हम बाल, ‘काई बात नहीं, इनक चल जान क बाद लाइफ-स्टाइल कुछ दिन क लिए चंज कर लंग। दा वक्त की जगह कुछ दिन एक वक्त भूख रह कर बजट का पुन: सर्वहित बजट बना लंग।’ पत्नी के साथ इस त्रासद संवाद पर विराम लगा, हम अपने इस मेहमान मित्र क पास पहुंच। व बाल- दखा महंगाई घटान क लिए सरकार न सीआरआर बढ़ा दिया है। अब दखत हैं, महंगाई कैस पांव पसारती है। हमन पूछा- सीआरआर स महंगाई कैस घट जाएगी? व बाल- इसस पैस का प्रवाह कम हा जाएगा। फिाूल खर्ची क लिए लागां की जब मं पैस ही नहीं हांग। हाम लान-कार लान पर ब्याज दर बढ़ेगी, कार-मकान सब सस्त हा जाएंगं। उनका आर्थिक दर्शन सुन हमन जिज्ञासा व्यक्त की- फ्रिज, एसी, माबाइल फान, कार ता पहल ही सस्त थ, अब मकान भी सस्त हा जाएंग, मगर इसस आम आदमी क लिए नून-तेल-लकड़ी की महंगाई पर क्या असर पड़गा? मित्र बाल- महंगाई पहल भी कहां थी? यह ता आम आदमी क लाइफ-स्टाइल चंज करन क कारण थाड़ पांव पसार गई थी। अब जब पैसा ही नहीं हागा, ता फिर पुराना लाइफ-स्टाइल अपनाना पड़गा। हमन फिर पूछा- ता क्या लाइफ-स्टाइल मं परिवर्तन कर आम आदमी नून-तल-लकड़ी ज्यादा सटकन लगा था..? हमारा अधूरा प्रश्न सुनत ही व तपाक स बाल- पुरानी बात छाड़ा, मित्र बाल- यही सारी समस्याआं की जड़ है। इसी कारण ही महंगाई बढ़ती है, कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है। हम समझ गए कि यह मेहमान जख्म ही नहीं उस पर इस्तेमाल का नमक भी साथ ही लाया है। घर के अंदर पत्नी के ताने और घर की बैठक में इस दार्शनिक मेहमान के विचारों का नमक- पर हमार लिए अब इसके अलावा कोई विकल्प भी तो नहीं बचा था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: अतिथि देव का आना