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टेलीकाम लाइसेंस का रास्ता मुश्किल

सरकार ने स्पेक्ट्रम की खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए मंगलवार को कड़े दिशा-निर्देशों का ऐलान कर दिया। अब टेलीकॉम लाइसेंसों का मर्जर और अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा अगर उसके बाद किसी सर्किल में चार से भी कम सर्विस प्रदाता रह जाते हैं। संचार विभाग ने मंगलवार को अपने एक बयान में साफ कर दिया कि उसकी पूर्व अनुमति के बिना कोई विलय या अधिग्रहण्सरकार ने स्पेक्ट्रम की खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए मंगलवार को कड़े दिशा-निर्देशों का ऐलान कर दिया। अब टेलीकॉम लाइसेंसों का मर्जर और अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा अगर उसके बाद किसी सर्किल में चार से भी कम सर्विस प्रदाता रह जाते हैं। स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस फैसले के बाद अगले तीन साल तक नए आपरटर्स का पहले से सक्रिय टेलीकॉम कंपनियों या फिर विदेशी कंपनियों में विलय नहीं हो सकेगा। सूत्रों का कहना सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि उसे खबरं मिल रही थीं कि कुछ नए आपरटर्स अपने लाइसेंस बेच कर मोटा माल कमाने की फिराक में हैं। दरअसल पिछले दिनों अमेरिका की चोटी की टेलीकॉम कंपनी एटीएंडटी ने डाटाकॉम और यूनिटेक से कुछ सर्किलों में हिस्सेदारी लेने की इच्छा जताई थी। डाटाकॉम और यूनिटेक को 22-22 सर्किलों में आपरट करने के लाइसेंस मिले है। अगर सरकार किसी विलय को हरी झंडी भी दिखा देती है तो भी यह शर्त तो रहेगी ही कि नई कंपनी का मार्किट शेयर और राजस्व 40 फीसदी से अधिक न हो।

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