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तीन माह से नहीं मिला विवि शिक्षकों को वेतन

राज्य के यूनिवर्सिटियों के टीचर्स को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। वे फरवरी से ही वेतन से वंचित हैं। आम तौर पर फरवरी के बाद बजट पारित होता है। इसके बाद ही वेतन राशि विवि को प्राप्त होती है। शिक्षक नेता डॉ बबन चौबे ने कहा कि यूनिवर्सिटी और उच्च शिक्षा निदेशालय दोनों से शीघ्र वेतन भुगतान का आग्रह किया गया है। फरवरी माह में इनकम टैक्स देने के बाद से ही शिक्षकों की आर्थिक स्थिति चरमरा जाती है। सबसे ज्यादा परशानी सेवानिवृत्त शिक्षक और कर्मचारियों को हो रही है। पेंशनधारियों के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। आर्थिक तंगी झेल रहे शिक्षक अब आंदोलन का मन बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके वेतन भुगतान के लिए शीघ्र पहल नहीं हुई, तो शिक्षक आंदोलन को बाध्य होंगे। बकाया भुगतान अगले माह राज्य के यूनिवर्सिटियों के शिक्षकों के यूजीसी वेतनमान की बकाया अंतर राशि का भुगतान मई माह के अंत तक होने की संभावना है। यूजीसी एवं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस संबंध में झारखंड से कुछ जानकारी मांगी थी, जो दी जा चुकी है। राज्य के उच्च शिक्षा निदेशक डॉ अंजनी श्रीवास्तव ने यह जानकारी शिक्षक प्रतिनिधिमंडल को दी। मई में अंतर राशि के बकाये की राशि प्राप्त हो जायेगी। कहा कि अप्रैल 2004 से अद्यतन महंगाई भत्ते का 50 प्रतिशत मूल वेतन में जोड़ने का क्लेम यूनिवर्सिटी से प्राप्त होते ही भुगतान कर दिया जायेगा। पीएम का विरोध कर रहे भाजपाई गिरफ्तार-रिहाहिन्दुस्तान ब्यूरो रांची पुलिस ने पीएम मनमोहन सिंह का विरोध कर रहे भाजपा के 204 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। पुलिस प्रतिरोध के कारण भाजपा कार्यकर्ता रांची एयरपोर्ट से दो किलोमीटर पहले ही हिनू चौक पर मुंह पर काली पट्टी बांध कर पीएम के विरुद्ध नारबाजी कर रहे थे। रांची महानगर भाजपा अध्यक्ष गामा सिंह के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन में सूर्यमणि सिंह, अनंत ओझा, प्रेम मित्तल, पवन बजाज, उमाशंकर केडिया, रविनाथ किशोर, कमाल खां, सत्यनारायण सिंह, भीम प्रभाकर समेत काफी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे। पुलिस से बच कर कार्यकर्ताओं ने कुछ काले गुब्बार भी उड़ाये। इस अवसर पर गामा सिंह ने कहा कि कठपुतली पीएम से देश का भला नहीं होगा। महंगाई पर अंकुश लगाने में लाचारी व्यक्त करनेवाले पीएम को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। अनंत ओझा ने कहा कि यूपीए को जनता की रोटी की चिंता नहीं है। प्रदर्शन के मद्देनजर हिनू चौक पर सुबह नौ बजे से ही कार्यकर्ता पहुंचने लगे थे। पीएम के आने से लगभग एक घंटा पूर्व ही हटिया डीएसपी के निर्देश पर सभी नेताओं को गिरफ्तार कर मोरहाबादी लाया गया, जहां दोपहर 12 बजे उन्हें छोड़ दिया गया। इनमें चंद्रप्रकाश, सोना खान, मनोज मिश्र, सुनील साहू, सत्येंद्र मल्लिक, उषा पांडेय, पूनम देवी, अमरावती वर्मा, सुनील यादव, ननकू तिर्की, अशोक यादव, कौशल किशोर महली, अनिल गुप्ता, सुशील दुबे समेत अन्य शामिल हुए। बिरसा चौक पर भी प्रदर्शन नगर निकाय प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय सेठ के नेतृत्व में भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने बिरसा चौक पर भी पीएम का विरोध किया। कार्यकर्ता काली पट्टी बांधे, नारबाजी करते हुए हिनू चौक पहुंचे। इसमें संजय जायसवाल, त्रिपुरारी शर्मा समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।जेएसइबी को हर साल 33 करोड़ का नुकसानशफीक अंसारी रांची डीवीसी कमांड एरिया राज्य बिजली बोर्ड की सबसे कमजोर कड़ी है। इस एरिया से बोर्ड को हर साल 33 करोड़ से अधिक का नुकसान हो रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों की फौा के बावजूद बोर्ड घाटा को पाटने में विफल रहा है। घाटे को कम करने के लिए किसी कार्य योजना बनाये जाने की जानकारी भी नहीं है। इस एरिया में डीवीसी से बिजली खरीद कर आपूर्ति की जाती है। डीवीसी से बिजली खरीदना बोर्ड की मजबूरी है, क्योंकि इस एरिया में 33 केवी क्षमता की बोर्ड की ट्रांसमिशन लाइन नहीं है। डीवीसी कमांड एरिया में हाारीबाग और धनबाद क्षेत्रीय विद्युत बोर्ड कार्यरत है। जीएम से लेकर जूनियर इांीनियर तक पदस्थापित हैं। इस इलाके में कुल 41उपभोक्ता हैं। इसमें 188043 उपभोक्ता धनबाद और 231553 उपभोक्ता हाारीबाग क्षेत्रीय विद्युत के क्षेत्र में है। पर आठ साल में बोर्ड ट्रांसमिशन लाइन बिछाने की योजना भी नहीं बना सका। जबकि बिजली की खपत बढ़ने के साथ ही घाटे की राशि भी बढ़ती जा रही है। बिजली बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल 2007 से फरवरी 2008 तक डीवीसी कमांड एरिया में 2221.37 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति की गयी। इसकी कुल कीमत 6221.50 लाख रुपये है। जबकि इस अवधि में 2882.16 लाख रुपये की वसूली ही हुई। तीन माह से नहीं मिला विवि शिक्षकों को वेतनसंवाददाता रांची राज्य के यूनिवर्सिटियों के टीचर्स को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। वे फरवरी से ही वेतन से वंचित हैं। आम तौर पर फरवरी के बाद बजट पारित होता है। इसके बाद ही वेतन राशि विवि को प्राप्त होती है। शिक्षक नेता डॉ बबन चौबे ने कहा कि यूनिवर्सिटी और उच्च शिक्षा निदेशालय दोनों से शीघ्र वेतन भुगतान का आग्रह किया गया है। फरवरी माह में इनकम टैक्स देने के बाद से ही शिक्षकों की आर्थिक स्थिति चरमरा जाती है। सबसे ज्यादा परशानी सेवानिवृत्त शिक्षक और कर्मचारियों को हो रही है। पेंशनधारियों के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। आर्थिक तंगी झेल रहे शिक्षक अब आंदोलन का मन बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके वेतन भुगतान के लिए शीघ्र पहल नहीं हुई, तो शिक्षक आंदोलन को बाध्य होंगे। बकाया भुगतान अगले माह राज्य के यूनिवर्सिटियों के शिक्षकों के यूजीसी वेतनमान की बकाया अंतर राशि का भुगतान मई माह के अंत तक होने की संभावना है। यूजीसी एवं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस संबंध में झारखंड से कुछ जानकारी मांगी थी, जो दी जा चुकी है। राज्य के उच्च शिक्षा निदेशक डॉ अंजनी श्रीवास्तव ने यह जानकारी शिक्षक प्रतिनिधिमंडल को दी। मई में अंतर राशि के बकाये की राशि प्राप्त हो जायेगी। कहा कि अप्रैल 2004 से अद्यतन महंगाई भत्ते का 50 प्रतिशत मूल वेतन में जोड़ने का क्लेम यूनिवर्सिटी से प्राप्त होते ही भुगतान कर दिया जायेगा। आयोग ने दी कृषि विकास पर रिपोर्टसंवाददाता रांची कृषि सुधार अनुसंधान और विकास आयोग ने झारखंड में कृषि विकास के मंत्र दिये। इसके अध्यक्ष डॉ केवी रमन ने मंगलवार को कृषि मंत्री नलिन सोरन को बीएयू के सीनेट हॉल में रिपोर्ट सौंपी। इसमें कृषि में विविधिकरण, क्षेत्र विशेष के लिए उन्नत तकनीक, भंडारण, संगठित बाजार पर जोर दिया गया है। फसल उत्पादन में तीन, उद्यान में छह, पशुधन में 6-7 एवं मत्स्य उत्पादन में 7-8 प्रतिशत वृद्धि करने की बात कही है। इसके लिए वर्ष 2020 तक फसल उत्पादन क्षेत्र 28.17 लाख हेक्टेयर बढ़ाने। फसल की सघनता को 130 से 132 प्रतिशत तक बढ़ाने को कहा गया है। सिंचाई सुविधा बढ़ाने की भी सलाह दी गयी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य की बेकार पड़ी 40 फीसदी जमीन को कृषि योग्य बनाना होगा। उद्यान निदेशालय की स्थापना करनी होगी। जविक खाद का प्रयोग 10 से 12 प्रतिशत बढ़ाना होगा। करीब 50 फीसदी जमीन की जुताई मशीन से करनी होगी। कृषि लोन 250 से 500 करोड़ करना होगा। करीब दो लाख कृषक परिवार को जीविका देने के लिए लाह एवं तसर पालन में वृद्धि करनी होगी। डॉ रमन ने राज्य के लिए कृषि नीति, कृषक आयोग, कृषि दर आयोग के गठन एवं उत्पादों के मूल्य निर्धारण पर जोर दिया। मौके पर मंत्री ने कहा कि इसे सरकार अपनायेगी। किसानों को लाभ भी होगा। प्रधान कृषि सचिव एके सरकार ने कहा कि अनुसंशाओं को लागू करने से राज्य में कृषि का विकास होगा। वीसी डॉ एनएन सिंह ने स्वागत एवं निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ आरपी सिंह रतन ने धन्यवाद दिया। कॉलेज खोलने का सुझाव डॉ केवी रमन ने अपनी रिपोर्ट में राज्य में यूनिवर्सिटी और कॉलेज की स्थापना का सुझाव भी दिया है। वेटनरी एंड फिशरीा यूनिवर्सिटी, कॉलेज ऑफ हर्टिकल्चर, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर इांीनियरिंग, कॉलेज ऑफ होम साइंस की स्थापना करने का सुझाव दिया है। स्टेट फिशरीा डेवलपमेंट बोर्ड, एग्रो फॉरस्ट्री पॉलिसी बनाने की बात कही है।

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