अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भारत की स्थायी सदस्यता के पक्ष में चिली

चिली ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी का खुला समर्थन करते हुए कहा है कि परिषद में भागीदारी बढ़नी चाहिए और इसे ‘और अधिक पारदर्शी’ होना चाहिए। इससे पहले दोनों देशों क बीच विमानन सवा, विज्ञान व प्रौद्योगिकी, खल और अंटार्कटिका मं अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग को लेकर चार समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की यात्रा के मौके पर चिली न भारत क साथ मुक्त व्यापार समझौत (एफटीए) की पशकश भी की, जिस पर भारत न फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया है। लैटिन अमेरिकी देश की तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचीं प्रतिभा पाटिल का स्वागत करते हुए देश की राष्ट्रपति मिशेल बेशलेट ने कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिली चाहता है कि परिषद में और भी देशों की भागीदारी हो और यह अधिक पारदर्शी बने। लैटिन अमेरिका की पहली निर्वाचित महिला मिशेल ने कहा, मैंने राष्ट्रपति पाटिल को बार-बार कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का चिली समर्थन करता है। इससे पूर्व दोनों देशों की राष्ट्रपतियों की मौजूदगी में अक्षय ऊर्जा राज्यमंत्री विलास मुत्तमवार, चिली में भारत की राजदूत सुष्मिता जी थॉमस और चिली के विदेश मंत्री अलेजबरो फोरलेग व खेलमंत्री जेन पिजारो ने चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर बेशलेट ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में दोनों देशों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि हमारी जनता की स्थिति बेहतर हो सके। पाटिल ने भी कहा कि दोनों देशों के लिए आर्थिक संबंधों को नया आयाम देने के लिए यह उपयुक्त समय है। इसी बीच मिशल न कहा कि उनका दश भारत क साथ मुक्त व्यापार समझौता करन क लिए तैयार है। उन्होंन कहा कि उनका दश भारत क लिए दक्षिण अमरिका मं एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र बन सकता है और यहां व्यापार क लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस पशकश पर भारतीय अधिकारियों न फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: भारत की स्थायी सदस्यता के पक्ष में चिली