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सास-बहू मामले में पुलिस को फटकार

दबंगों से लोहा लेने वाली सास बहू के मामले में पुलिस को कड़ी फटकार सुननी पड़ी। गृह विभाग के आदेश के बावजूद सास-बहू की एफआईआर दर्ज न किए जाने पर सूचना आयोग ने हैरत जताई। आयोग ने टिप्पणी की कि क्या दरोगा सरकार के ऊपर है। पुलिस की कार्य प्रणाली से नाराज आयोग ने 22 मई को औरया जिले के एसपी कोतलब किया है। दिबियापुर थाना इलाके के चपौली गाँव की बहू सुनीता ने एफआईआर दर्ज न किए जाने की शिकायत सरकार से की थी। एफआईआर दर्ज न होने पर सूचना का अधिकार टास्क फोर्स के प्रभारी शैलेन्द्र सिंह ने सरकार से कार्रवाई के बाबत सूचना माँगी। गृह विभाग ने बाकायदा पत्र जारी कर एसपी को निर्देश दिया था कि वह पीड़ित पक्ष की एफआईआर दर्ज करं। इसके बावजूद पुलिस ने बहू की तरफ से अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई कर रहे सूचना आयुक्त मेजर संजय यादव का पारा उस वक्त चढ़ गया जब पुलिस की तरफ से पेश हुए औरैया के अपर पुलिस अधीक्षक कोई जवाब नहीं दे पा रहे थे। एएसपी ने आयोग को बताया कि डीाीपी के आदेश पर एफआईआर लिखी गई। आयुक्त श्री यादव ने कहा कि क्या अब डीाीपी के कहने पर ही एफआईआर दर्ज होगी?ड्ढr गृह विभाग ने एफआईआर दर्ज न करने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जाँच के लिए कहा था उस पत्र पर क्या कार्रवाई हुई? शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि अब तो पुलिस भी दबंगई करने लगी है। पिछले दिनों पुलिस ने सास मिथिलेश के संबंधी को उस दिन थाने पर बैठा दिया जिस दिन उनके घर शादी थी। एएसपी के संतोषजनक उत्तर न देने पर आयोग ने 22 मई को जिले के एसपी को पूरी सूचना के साथ तलब किया है।

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