अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गंडक-बूढ़ी गंडक के तटबंध खतर में

राज्य सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोगार गारंटी योजना के तहत गंडक और बूढ़ी गंडक नदियों के ऐसे 43 तटबंधों की मरम्मत का आदेश दिया है, जिनपर इस वर्ष की बाढ़ के दौरान खतरे की आशंका है। बाढ़ नियंत्रण के लिए योजनाओं के कार्यान्वयन में जुटे जल संसाधन विभाग ने 43 तटबंधों की मरम्मत से हाथ खड़ा कर दिया है। विभाग के सचिव अजय नायक ने तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त जयराम लाल मीणा को पत्र लिखकर बाढ़ से पहले नरगा के तहत बांधों की मरम्मत में सहयोग और समन्वय का आग्रह किया है।ड्ढr ड्ढr उन्होंने गंडक और बूढ़ी गंडक नदियों के तटबंधों के उन स्थानों की जिलावार सूची भेजी है, जहां बाढ़ की आक्रामकता का खतरा है, परन्तु जल संसाधन विभाग ने इस वर्ष मरम्मत का कार्यक्रम नहीं बनाया है। विभागीय सचिव ने अर्ध सरकारी पत्र जारी कर चिह्न्ति तटबंधों की नरगा के तहत मरम्मत का आदेश दिया है। संबंधित जिलाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक सह उप विकास आयुक्त को निर्देश दिया गया है कि जिन तटबंधों की मरम्मत नरगा से संभव हो, उसे बाढ़ से पहले सुदृढ़ करायें। उन्होंने नरगा की मार्ग दर्शिक का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि सिंचाई के लिए नाला (काडा) की मरम्मत के लिए जल संसाधन विभाग से अनापत्ति की आवश्यकता नहीं है। उप लघु नहर (सब माईनर) एवं लघु नहर तथा 100 घनसेक से कम जलश्राव वाले जल निस्सरण नाला के लिए मुख्य अभियंता द्वारा अनापत्ति दी जायेगी। विभाग ने गंडक नदी पर पूर्वी चम्पारण में मलाही बरहरवा रिंग बांध, चिंतामनपुर मजार, घोरहिया, पटािरवा,आश्रम पटखौली, वैशाली जिले में खंजाहांचक, लालगंज प्रमंडल, तिरहुत तटबंध एवं बलहा बसंत, मुजफ्फरपुर जिले में पहारपुर मनोरथ, सुतिहारा ढाला, रत्नारपुर डीही के निकट एवं तिरहुत तटबंध के कुल 14 स्थानों पर नरगा के तहत मरम्मत का आग्रह किया है। बूढ़ी गंडक नदी पर पूर्वी चम्पारण में और मुजफ्फरपुर के कुल 15 स्थानों पर बांध की मरम्मत का आग्रह किया गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: गंडक-बूढ़ी गंडक के तटबंध खतर में