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अरबों की जमीन लाखों में बिकी

भोजपुर और रोहतास में अरबों की जमीन चंद लाख रुपये में बेचे जाने के मामले की सीबीआई जांच कराने की पहल शुरू हो गई है। इसके साथ ही सरकार इस तरह की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है जिससे सरकारी भूमि की खरीद-बिक्री रुकेगी। इसके लिए कैडेस्ट्रल सव्रे की मदद ली जाएगी। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।ड्ढr इस मामले को लेकर पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव पंचम लाल की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक बैठक मंगलवार को आयोजित हुई। इस बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी. अशोकवर्धन के अलावा भोजपुर की जिलाधिकारी सफीना ए.एन. और रोहतास के जिलाधिकारी एन. सरवन भी उपस्थित थे। भोजपुर और रोहतास में लाइट रलवे की अरबों की जमीन कुछ लोगों ने साजिश के तहत कुछ लाख रुपये में बेच दी है। विधानसभा में यह मामला उठने के बाद सरकार हरकत में आई है।ड्ढr ड्ढr बैठक में चकबंदी प्रशिक्षण संस्थान के अनुदेशक कुमार संजय प्रसाद ने आरा-सासाराम लाइट रलवे कंपनी के मामले का पूरा विवरण रखा। बैठक में यह मसला उठा कि इस संबंध में एक मामला कोलकाता उच्च न्यायालय में चल रहा है और इसे पटना उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कराया जा सकता है। बैठक में तय हुआ कि इस मामले में महाधिवक्ता की राय ली जाए। साथ ही यह भी तय हुआ कि राज्य में सरकारी भूमि को चिह्न्ति करने की कार्रवाई शुरू की जाए ताकि उसकी खरीद-बिक्री पर रोक लग सके। यह तय हुआ कि कैडेस्ट्रल सव्रे की मदद से राज्य भर में सरकारी भूमि को चिह्न्ति करने की कार्रवाई तत्काल शुरू कर दी जाए। बैठक में भू अभिलेख एवं परिमाप के निदेशक दयाशंकर पाण्डेय, भोजपुर-रोहतास के बन्दोबस्त अधिकारी हरिवंश नारायण पाण्डेय, भोजपुर जिला परिषद की अध्यक्ष मीना देवी और रोहतास के डीडीसी सतीश प्रसाद आदि भी उपस्थित थे।

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