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अप्रैल तक 154 बच्चे पोलियो से विकलांग

इस वर्ष एक-एक कर सूबे के 154 बच्चे अभी तक पोलियो से विकलांग हो चुके हैं। बरसात का मौसम अभी बाकी है। पोलियो वायरस से लड़नेवाला तंत्र लाचार बन गया है। यह स्थिति तब है जब नियमित टीकाकरण दर में भी वृद्धि हुई है और टीकाकरण अभियान भी सघन चलाया जा रहा है।ड्ढr ड्ढr पिछले साल पोलियो अभियान के दौरान यह दावा किया जा रहा था कि चूंकि पूरा बिहार बाढ़ की चपेट में है ऐसे में टीकाकरण अभियान को पूर्ण रूप से सफलतापूर्वक नहीं चलाया जा सका। इस वर्ष अप्रैल के पहले पखवाड़े तक प्राप्त आंकड़े भयावह स्थिति को बयां कर रहे हैं। राज्य के कुल 38 में 27 जिलों में पोलियो का वायरस आक्रामक बना हुआ है। दीगर बात है कि किसी जिले में इसकी चपेट में अधिक बच्चे आ गए तो किसी में इनकी संख्या कम है। बिहार के मानचित्र पर पोलियो वायरस की तस्वीर हर तरफ फैली नजर आ रही है। आश्चर्य तो यह है कि जिस पोलियो के वायरस को कमजोर समझा गया था वहीं अपना जाल फैला चुका है। अभी तक पाए गए कुल 154 मरीजों में सिर्फ सारण जिले का एक बच्चा पी-1 की चपेट में है जबकि बाकी सभी बच्चे पी-3 वायरस से आक्रांत हुए हैं। इन सबके बावजूद राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा.गोपाल कृष्ण का मानना है कि पोलियो की स्थिति नियंत्रण में है। सबसे चिंताजनक पी-1 वायरस की संख्या सिर्फ एक मिली है। शेष सभी पी-3 वायरस हैं जिसे नियंत्रित कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष पी-3 वायरस के नियंत्रण के लिए अभियान नहीं चला था। इस वर्ष दोनों प्रकार के वायरस के लिए मिक्स राउण्ड चलाया जा रहा है।

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