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दलित आवासीय स्कूल का निरीक्षण किया मंत्री ने

अनुसूचित जाति के बच्चों के आवासीय विद्यालय की हालत देखते ही अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण मंत्री जीतनराम मांझी चौंक पड़े। उन्होंने कहा- यह तो हॉरीबल है। जब सरकार की नाक के नीचे दलित बच्चों की यह हालत है तो सुदूर इलाकों में क्या होगा? श्री मांझी मंगलवार को पटना जिले के पुनपुन में राजकीय जोड़ दो अम्बेदकर आवासीय विद्यालय में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे थे।ड्ढr ड्ढr मंत्री ने कल्याण विभाग के अधिकारियों को इस विद्यालय के शिक्षकों का तबादला करने और शराबी कर्मचारियों को निलम्बित करने का आदेश दिया। श्री मांझी जब वहां पहुंचे तो न तो कोई शिक्षक था और ना ही प्रधानाध्यापक। श्री मांझी वहां रहने वाले बच्चों की हालत देखकर सहम गए। बच्चों ने छात्रावास में ईंटों पर पटरा रखकर सोने की व्यवस्था की थी। उनके कमरों से अक्सर सांप-बिच्छू निकलते हैं। न तो उन्हें किताब-कॉपी दी जाती है और न ही कपड़े। दरी, कंबल भी उन्हें नहीं मिला। बच्चों ने बताया कि तीन साल से उनकी रगुलर क्लास नहीं हो रही है। शिक्षक आते हैं और कार्यालय में बहस करके चले जाते हैं। शाम को रसोइया शराब पीकर आता है और बच्चों के साथ मारपीट करता है।

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