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गंगाजल पिएगा बरौनी बिजलीघर

बरौनी बिजली घर की मशीनें अब गंगाजल पियेंगी। बॉयलर को कूल रखने के लिए पानी चाहिए इसलिए गंगा के पानी को चैनल बनाकर बरौनी लाया जाएगा। यहां बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए पानी जरूरी है और जब भारी मात्रा में पानी आएगा तभी आएंगी बिजली रानी। संभवत: बिहार में पहली बार बिजली के लिए गंगा नदी का पानी सीघे कारखाने तक पहुंचाया जाएगा। इससे पहले हरिद्वार से दिल्ली तक पीने के लिए पाइप लाईन से पानी लाने की व्यवस्था की गई है।ड्ढr बरौनी थर्मल में ढाई सौ मेगावाट की नई और पुरानी इकाइयों की क्षमता में वृद्धि तथा इकाइयों का आधुनिकीकरण किया जाना है।ड्ढr ड्ढr अधिक बिजली चाहिए तो अधिक पानी भी चाहिए। बिजली घर के लिए उपलब्ध पानी काफी नहीं है। बरौनी में फिलहाल नलकूप के माध्यम से पानी का इंतजाम होता है। पुरानी पड़ चुके नलकूपों से जरूरत के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं होता। दूसरी बात यह भी है कि थर्मल स्टेशन के लिए प्रदूषित नहीं, शुद्ध पानी चाहिए। जानकारों का मानना है कि ज्यादा बिजली उत्पादन के लिए साठ क्यूसेक पानी की जरूरत होगी। यह तभी संभव है जब गंगा से पानी लाया जाए। गंगा से पानी लाने के लिए दो -तीन किलोमीटर चैनल बनेगा। इस परियोजना का नाम गंगा नदी पानी योजना दिया गया है। सरकार ने काफी पहले वाप्क ोस के माध्यम से फिाीबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराया था। एनटीपीसी ने उसका अध्ययन किया और डीपीआर वाप्क ोस से तैयार कराने का फैसला किया गया है। बिहार को बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह आवश्यक समझा गया है। राज्य सरकार की यह पूरी योजना लगभग साठ करोड़ रुपए की है जिसे जल्दी ही मंत्रिपरिषद में स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

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