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अश्लीलता परोसने पर चैनलों पर शिकंजा

समाचार चैनलों में प्रसारित आपत्तिजनक कार्यक्रमों के बारे में अब सीधे संबंधित चैनल को शिकायत की जा सकेगी और उन्हें हर शिकायत का जवाब देना होगा। न्यूज ब्राडकॉस्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने मंगलवार को पिछले वर्ष सरकार द्वारा लाए गए प्रसारित सामग्री संहिता के प्रारूप को अस्वीकार करते हुए स्वनिर्धारित संहिता जारी की। इसकी एक प्रति सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भेज दी गई है। इसमें सभी चैनल को दर्शकों के विचार अपनी वेबसाइट पर प्राप्त करने के लिए उपाय करने के प्रावधान करने को कहा गया है। इसके अनुसार यदि किसी चैनल को किसी प्रकार की शिकायत मिलती है और वह जांच में सही पाई जाती है तो उसे अपनी गलती को चैनल पर स्वीकार करने के साथ इस संबंध में उचित कार्रवाई करनी होगी। इसके तहत किसी भी चैनल पर यौनक्रिया, बलात्कार अथवा छेड़छाड़ के दृश्य और अश्लील भाषा का प्रयोग नहीं करने को कहा गया है। हालांकि एनबीए का कहना है कि स्वनिधारित नीति का उद्देश्य नैतिक दबाव डालना नहीं, बल्कि आपत्तिजनक दृश्यों का प्रसारण रोकना है। इस संहिता में चैनलों को निजी जीवन में ताकझांक की मनाही की गई है, जब तक की उसमें कोई सार्वजनिक हित न जुड़ा हो। इसमें यह भी कहा गया है कि समाचार चैनल अंधविश्वास और तंत्रमंत्र को बढ़ावा देने वाले किसी भी सामग्री का प्रसारण नहीं करेंगे। वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि दर्शक उनके किसी कार्यक्रम से भ्रमित नहीं होकर ऐसी बातों पर भरोसा नहीं करने लगे। इसके साथ ही इसमें कहा गया है कि समाचार चैनल किसी स्टिंग आपरेशन में सेक्स, मादक पदार्थ और हिंसा आदि का प्रयोग नहीं करेंगे।

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  • Web Title: अश्लीलता परोसने पर चैनलों पर शिकंजा