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काफी बदल गया है बॉलीवुड : पद्मिनी कोल्हापुरी

सत्यम शिव सुंदरम, इंसाफ का तराजू, वो सात दिन और प्रेम रोग जैसी गिनी चुनी फिल्मों में अभिनय करके बॉलीवुड में अपनी सशक्त पहचान बनाने वाली पदमिनी कोल्हापुरी करीब डेढ़ दशक से अधिक के अंतराल के बाद फिल्म ‘डाक्टर’ से फिल्म जगत में वापसी कर रही हैं। पदमिनी कोल्हापुरी ने शादी हो जाने के बाद घर परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने के कारण फिल्मों से कुछ वषर्ो के लिए अवकाश लिया था। पदमिनी की अब तक की यादातर फिल्में किसी न किसी सामाजिक समस्या से जुड़ी रही हैं और यह स्वाभाविक था कि उनकी वापसी भी सामाजिक समस्या को उजागर करने वाली फिल्म से हो। यह फिल्म बनकर तैयार है और जल्द ही रिलीज होने वाली है। इस समय वह ‘मेरा बचपन’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने किसी खास कारण से फिल्मों में वापस की है, पदमिनी बताती है कि इसका कोई खास कारण नहीं है। मैं बचपन से ही अभिनय से जुड़ी हुई हूं। मैने इस कारण से फिल्मों से ब्रेक लिया था, क्योंकि मैं अपने परिवार पर ध्यान केंद्रित करना चाहती थी। अब मेरा लड़का बड़ा हो चुका है और पारिवारिक जिम्मेदारियां भी काफी कम हो गई है। इस कारण मैने फिल्मों के लिए समय निकालने का फैसला किया। पदमिनी कहती है कि पिछले कुछ वषरे में बॉलीवुड में काफी बदलाव आ चुके हैं। आज फिल्मी दुनिया का पूरी तरह से व्यावसायीकरण हो गया है। पहले के समय में बहुत शिद्दत एवं मेहनत के साथ फिल्में तैयार की जाती थी। कोई भी कलाकार साल में एक या दो से यादा फिल्में नहीं करता था। पदमिनी कहती है कि आज समय पैसे से भी यादा कीमती हो गया है। पहले निर्देशक के पास बहुत समय होता था किसी नए कलाकार को सिखाने और दृश्य समझाने के लिए। परन्तु आज न तो निर्देशक को और न ही नए कलाकार को धैर्य है। पदमिनी ने फिल्म ‘डाक्टर’ में कामकाजी महिला की भूमिका की है, जो कैरियर के बीच बच्चों की दीवार को आने नहीं देना चाहती है। यह पूछे जाने पर कि आपने बॉलीवुड में अपनी वापसी के लिए फिल्म ‘डाक्टर’ को क्यों चुना, पदमिनी कहती है कि मुझे लगता है कि इस फिल्म के किरदार के लिए जिस संवेदना की जरूरत थी उसे मेरे अलावा कोई और इतनी अच्छी तरह नहीं समझ सकता था, क्योंकि मैने इसे अपने व्यक्ितगत जीवन में महसूस किया है। जब मैने शादी की थी तो बॉलीवुड में मेरे लिए जबर्दस्त उफान के दिन थे। परन्तु मैने अपने परिवार को समय देने के लए बॉलीवुड छोड़ दिया। मुझे लगता है कि मुझसे अधिक कोई अन्य कलाकार इस संवेदना एवं भावना को इतनी अच्छी तरह नहीं समझ सकती थी। यह पूछे जाने पर कि जिस तरह इस फिल्म में दिखाया गया कि उनके परिवार में एक बच्चे को गोद लिया जाता है तो क्या वास्तविक जीवन में भी किसी बच्चे को गोद लेना चाहेगी, पदमिनी कहती है कि जरूरत पड़ने पर मैं किसी बच्चे को गोद अवश्य लेना चाहूंगी, लेकिन मैं सोचती हूं कि अब मेरे लिए यह व्यावहारिक तौर पर संभव नहींे है। इस समय मेरा एक लड़का है, लेकिन फिर भी अगर परिवार बढ़ाने की कोई योजना बनी तो मैं किसी लड़की को ही गोद लूंगी। क्या वह मानती है कि परिवार में लड़की का बहुत अधिक महत्व है, वह कहती है कि एक औरत होने के नाते मैं जानती हूं कि किसी भी परिवार में कोई लड़की कितनी खुशी ला सकती है और मुझे विश्वास है कि सभी महिलाएं मेरी बातों से सहमत होगी। एक लड़की परिवार के लिए वह सब कुछ कर सकती है जो एक लड़का कर सकता है।ं

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