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विप चुनाव : तैयारी अंतिम चरण में

बिहार विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले चुनाव की तैयारी अंतिम चरण में है। राज्य निर्वाचन विभाग ने संबंधित जिलों को मतदान की सामग्री उपलब्ध करा दी है। मतदान 28 अपैल को होना है। निर्वाचन विभाग के सूत्रों के अनुसार मतदान के लिए आब्जर्वर बिहार के ही होंगे और जल्द ही उनके क्षेत्र तय कर दिए जाएंगे। कुल उम्मीदवारों की संख्या 57 है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कुल 17 उम्मीदवारों के नाम हैं। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस, जदयू और राजद के अलावा इस क्षेत्र में निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या चार है।ड्ढr ड्ढr दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में दो दलीय उम्मीदवार हैं। यहां से निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या चार है। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सीपीएम और भाजपा के अलावा चार निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं। कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस, भाजपा और राजद के उम्मीदवार के अलावा दस निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू, राजद और कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। यहां से निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या13 है। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस,भाजपा, लोजपा और सीपीआई के उम्मीदवार के अलावा पांच निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सीपीआई, कांगेस और भाजपा के अलावा पांच निर्दलीय उम्मीदवार हैं। सूत्रों के अनुसार मतदान पत्र सहित अन्य सामग्री संबंधित जिला मुख्यालयों को उपलब्ध करा दी गयी है। चुनाव के लिए राज्य भर में कुल 782 मतदान केन्द्र बनाए जाएंगे। मनमाने तरीके से दी जा रही कर माफीड्ढr पटना (हि.ब्यू)। जिला परिवहन कार्यालयों में सरंडर वाहनों को मनमाने तरीके से कर माफी दी जा रही है। मामले नालन्दा, मुजफ्फरपुर और मोतिहारी डीटीओ से जुड़े हैं। खास बात यह कि गड़बड़ी की ओर ध्यान आकृष्ट कराने पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिलों में हुई जांच में यह पता चला कि नालन्दा में 6 वाहन मालिकों से नये एफीडेविट लिये बगैर ही 28 से 3माह के बीच एक्सटेंशन दे दिया गया। मुजफ्फरपुर में 13 वाहनों को 16-20 माह तक जबकि मोतिहारी में चार वाहनों को 13-18 माह का एक्सटेंशन दे दिया गया।बिहार मोटर वाहन कराधान अधिनियम के तहत अगर कोई आवेदक अपने वाहन का उपयोग नहीं करना चाहता है तो उसे एकबार में अधिकतम छह माह तक कर भुगतान की छूट दी जा सकती है। इसके लिए उसे आवेदन के साथ रजिस्ट्रशन सर्टिफिकेट, फिटनेस सर्टिफिकेट और टैक्स टोकन जमा करना होगा। छूट सीमा के एक्सटेंशन के लिए वाहन मालिक को एफीडेविट देना होगा। उसके दावे की जांच के लिए करारोपण पदाधिकारी स्वयं वाहन के पार्किंग स्थल की जांच करंगे। अगर वाहन की पार्किंग आवेदन में बताये गये स्थान पर नहीं पायी गयी तो मालिक को पूरी अवधि का टैक्स देना पड़ेगा। नियंत्रक महालेखापरीक्षक (सीएजी) की जांच में पाया गया कि उक्त जिलों में 23 मामलों में वाहन मालिकों से 14.61 लाख रुपये कर की वसूली भी नहीं हुई। कई आवेदकों को कागजात की फोटोकॉपी के आधार पर ही एक्सटेंशन मिल गया।

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