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चुनौती के रूप में ली खाद्य सुरक्षा

ृषि मंत्री नागमणि ने देश को खाद्यान्न संकट से उबारने में बिहार की ओर से बड़ी भूमिका निभाने का भरोसा दिलाया तो केन्द्र सरकार के समक्ष अपने हक को भी मजबूती से रखा। दिल्ली में राज्यों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार ने खाद्य सुरक्षा को एक चुनौती के रूप में लिया है और इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कृषि विकास का रोडमैप तैयार कराया है।ड्ढr ड्ढr इस मामले में बेहतर परिणाम पाने के लिए केन्द्र का सहयोग भी अपेक्षित है। रोडमैप के लिए कुल 6135.रोड़ रुपयों की आवश्यकता होगी। केन्द्र से मिलने वाली राशि अगर समय पर उपलब्ध नहीं हो पायेगी तो लक्ष्य को प्राप्त करना कठिन होगा। इस वर्ष राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से मिलने वाली राशि वित्तीय वर्ष के अंत में मिली। नतीजतन राशि के व्यय प्रतिशतता पर आगे की रणनीति नहीं तय होनी चाहिए। बावजूद हम अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादन वृद्धि में रासायनिक खादों की महत्वपूर्ण भूमिका है। लेकिन आयात करने वाली कंपनियां राज्य में मांग के अनुसार डीएपी की आपूर्ति पर कोई ठोस जवाब नहीं देती। केन्द्रीय उर्वरक मंत्रालय की पहल पर राज्य के कृषि विभाग के प्रधान सचिव के साथ आईपीएल की बैठक हुई। उक्त कंपनी को राज्य के लिए डएपीएमएपी आयात करने को कहा गया लेकिन आज तक कोई सकारात्मक जवाब उक्त कंपनी नहीं दे सकी। उन्होंने कहा कि फसल बीमा के लिए किसानों के समक्ष भी अन्य बीमा की तरह विकल्प होने चाहिए ताकि वे अधिक लाभकारी विकल्प चुन सकें। सीमांत किसानों के लिए बीमा प्रीमीयम दर में अनुदान की राशि 75 प्रतिशत तक बढा़ने की मांग कृषि मंत्री ने की। उन्होंने कहा कि टर्मिनल मार्केट की स्थापना की प्रगति बिहार में अन्य राज्यों की अपेक्षा बहुत तेज है। राज्य सरकार ने दस हाार छोटे खाद्य प्रसंस्करण केन्द्र स्थापित कर उन्हें 1500 ग्रमीण हाटों से जोड़ने पर काम शुरू कर दिया है। राज्य में चालू वर्ष में कुल 118.32 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन संभावित है जो गत वर्ष से पांच लाख टन अधिक है।

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