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पीएम ने भावना से किया खिलवाड़: मरांडी

नेपाली से मिलने आया था सपन अपराध प्रतिनिधि जमशेदपुर पुलिस मुठभेड़ की खबर से बेखबर पटमदा का आतंक सपन मंडल बुधवार की सुबह साढ़े नौ बजे नेपाली लोहार से मुलाकात करने उसके आवास पहुंचा था। वहां पहरा दे रहे पुलिसकर्मियों को देखकर भागने लगा। तब पुलिस खदेड॥कर उसे पकड़ी। हालांकि, उसका साथी भाग निकला। पुलिस ने सपन के पास से एक लोडेड देसी कट्टा, एक जिन्दा गोली एवं हीरो होंडा मोटरसाइकिल बरामद किया है। मोटरसाइकिल पटमदा से लूटी गयी थी। सपन मंडल पटमदा का रहने वाला है। वह पेट्रोल पंप लूटकांड के साथ ही आजसू नेता बच्चू घोष एवं राजी हत्याकांड में शामिल था। व्यवसायी अफरोज मुक्तसंवाददाता गिरिडीह अपहरण के पांचवे दिन मंगलवार की देर रात अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त होकर घर आये अफरो की आंखें तब छलक आयी, जब उसका सामना परिानों से हुआ। अफरो के साथ अपहृत हुए उसका चालक फिरो अंसारी की भी सकुशल वापसी हुई। बुधवार को अफरो ने पत्रकारों के समक्ष अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि अपहरणकर्ताओं का व्यवहार ठीक था। कहा कि अपहरणकर्ता यूपी की खड़ी हिन्दी व बंगला भाषा का प्रयोग कर रहे थे। मुक्ति के संदर्भ में उन्होंने बताया कि मधुपुर से दो किलोमीटर पूर्व मदनकट्टा जाने वाले पथ पर अपहरणकर्ताओं ने चालक के साथ मुझे लाकर छोड़ दिया। एक किलोमीटर पैदल चलने के बाद रिक्शा पकड़ कर मधुपुर स्टेशन पहुंचा, जहां से लोकल ट्रेन पकड़कर गिरिडीह आया। पुलिस भी गिरिडीह स्टेशन पर मौजूद थी। नशे की हालत में पहुंचे दोनों की प्राथमिक उपचार दी गयी। अफरो ने बताया कि गांडेय से अपहरण के लगभग दो घंटे के सफर के बाद अनमान स्थान पर उतारकर एक कमर में बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि आंख पर पट्टी बंधे रहने के कारण किसी का चेहरा नहीं देख पाये पर बोलचाल से सभी युवा लग रहे थे। मुक्ति के एवज में कितनी राशि दी, के सवाल पर अफरोज ने कहा कि पुलिस दबिश के कारण उन्हें छोड़ा गया। पर तुरंत उन्होंने यह भी कहा कि आप लेाग खुद समझदार हैं इस तरह के मामले में अपहृत की रिहाई कैसे होती है यह किसी से छिपी नहीं है। पास बैठे उनके पिता मो. निजामुउद्दीन ने भी दबी जुबान में इसकी पुष्टि की। रिहाई के बावजूद अफरोज के चेहर पर खौफ का मंजर दीख रहा था। कहा कि अपहरणकर्ता नशा खिलाकर हमेशा बेहोश करके रखा। एसपी ने किया फिरौती से इंकार संवाददाता गिरिडीह एसपी मुरारी लाल मीणा ने अपहृत क्रशर मालिक अफरोज व चालक फिरो की रिहाई के बदले फिरौती की रकम अदा करने से इंकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि संभव है अपहृत अफरो के परिानों ने मोटी रकम चुका कर उसकी रिहाई करवाई। श्री मीणा ने कहा कि अपहृत की मुक्ति के लिए लगातार पुलिस दबिश जारी थी, पर परिानों का सहयोग नहीं मिलने के कारण पुलिस को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पायी। एसपी ने कहा कि बगैर परिानों के सहयोग के अपहृत की रिहाई संभव नहीं हो पाती है। झाविमो सुप्रीमो सह कोडरमा सांसद बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने झारखंड के लोगों की भावना के साथ खिलवाड़ किया है। प्रधानमंत्री को राज्य की सरामीं पर पैर रखने के पश्चात यह बातना चाहिए था कि आखिर वह कौन सी विवशता है, जिसकी वजह से कांग्रेस भ्रष्ट कोड़ा सरकार को अभयदान दे रही है। कांग्रेस के कई वरीय नेताओं ने भी बयान देकर निकम्मी सरकार से राज्य की मुक्ति का क्षहार किया है बावजूद कांग्रेस आलाकमान द्वारा कोड़ा को सर-आंखों पर बिठाये रखने का राज जनता जानना चाहती है। इसका खुलासा पीएम को बोकारो की सभा में करना चाहिए था। परन्तु उनकी जुबान इस मुद्दे पर खामोश रही। श्री मरांडी ने बुधवार को अपने पैतृक गांव कोदाईबांक में हिन्दुस्तान से खात बातचीत में उक्त बातें कही। श्री मरांडी ने भाजपा द्वारा पीएम के विरोध को लोकतंत्र का हिस्सा करार दिया और कहा कि यह सब लोकतंत्र का ही एक पहलू है। श्री मरांडी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि शिबू सोरन को मंत्रीमंडल में शामिल नहीं करना कांग्रेस का निजी मामला है परन्तु कुर्सी के लिए शिबू की बेचैनी का नजारा पूरा झारखंड देख रहा है।

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