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7 हचाार विकास मित्र बहाल होंगे

महादलितों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सात हजार से अधिक ‘विकास मित्रों’ की बहाली होगी। इसके साथ ही धोबी और पासी को फिर से महादलितों में शामिल किया जायेगा। महादलित आयोग ने बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंपी दूसरी अंतरिम रिपोर्ट में इन्हें महादलित का दर्जा देने की सिफारिश की है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रति माह 2000 रुपये मानदेय पर विकास मित्रों की बहाली की घोषणा की। महादलितों की 500 की आबादी पर एक विकास मित्र की तैनाती होगी।ड्ढr ड्ढr मुख्यमंत्री ने कहा कि जो समूह विकास की दौड़ में पीछे छूट गये हैं उनके लिए विशेष प्रयास तो करना ही पड़ेगा। तभी राज्य में मानव संसाधन विकास की दर राष्ट्रीय औसत से ऊपर आयेगी। विकास मित्रों का मुख्य दायित्व महादलित बच्चों को स्कूल भेजना व उन्हें गृह कार्य में सहायता देना, स्कूल, माता-पिता और प्रखंड मिशन कार्यालयों के बीच समन्वय स्थापित करना, कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार और कार्यान्वयन सुनिश्चित कराना है। इनका चयन महादलितों के बीच से ही किया जायेगा। गौरतलब है कि आयोग ने नवम्बर, 07 में पहली अंतरिम रिपोर्ट में दलितों में शामिल 22 जातियों में से पासवान, पासी, धोबी और चमार जाति को महादलितों की श्रेणी से अलग रखा था। अब मुसहर, भुईयां, रजवार, मेहतर, डोम, बंतर, चौपाल, नट, तुरी, भोगता, कुररियार, हलालखोर, पान, स्वासी, दवगर, बाउरी, कंजर, लालबेगी, घासी के साथ धोबी व पासी भी महादलितों में शामिल होंगे। आयोग के अध्यक्ष विश्वनाथ ऋषि ने सदस्य बबन रावत, राजेन्द्र प्रसाद नट, छोटेलाल राजवंशी और सदस्य सचिव व मगध प्रमंडल के आयुक्त के.पी.रमैया के साथ 1, अणे मार्ग जाकर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपी।

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