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केन्द्र का खाद नही मुहैया कराने के आरोपों का खंडन

ेन्द्र ने रायों खासकर मध्यप्रदेश एवं उत्तर प्रदेश को खरीफ एवं रबी के मौसम की बुआई के लिए आवश्यकता अनुसार खाद नहीं मुहैया कराने के आरोपों का गुरुवार को लोकसभा में जोरदार खंडन किया और इस मुद्दे पर बहुजन समाज पार्टी तथा कांग्रेस के सदस्यों की तू-तू, मैं-मैं के बीच अध्यक्ष को व्यवस्था कायम करने के लिए अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी तक देनी पड़ी। सदन में शोरगुल तब शुरू हुआ जब सूचीबद्ध प्रश्नों का सिलसिला फिर शुरू करते हुए अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने रायों को खाद के आवंटन पर भारतीय जनता पार्टी के रामलखन सिंह को अपना प्रश्न रखने को कहा और मध्यप्रदेश के साथ नाइंसाफी के सिंह के आरोप के बाद बसपा के ब्रजेश पाठक ने पूरक प्रश्न पूछते हुए उत्तर प्रदेश में खाद की भारी कमी का मुद्दा उठाया तथा केन्द्र पर उसे मांग के अनुरूप आवंटन नहीं करने का आरोप लगाया। सदस्यों ने सवालों के उत्तर में रसायन एवं उर्वरक मंत्री रामविलास पासवान ने आंकड़े देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश तथा उत्तर प्रदेश दोनों ही मामलों में आवश्यकता से कम आवंटन का आरोप निराधार है और दोनों ही रायों को खाद की सभी किस्में मांग की तुलना में बहुत अधिक दी गई तथा दोनों ही राय मांग से बहुत कम खाद बेच सके।

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  • Web Title: खाद नहीं मुहैया कराने के आरोपों का खंडन