अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

परिवार के सदस्यों से मिला सरबजीत

पाकिस्तान में लाहौर स्थित ‘कोट लखपत’ जेल में कैद तथा फांसी की सजा का सामना कर रहे भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह ने 18 साल बाद अपने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने कुछ साल पहले सरबजीत को मौत की सजा सुनाई थी। एक मई को उन्हें फांसी देने की घोषणा की गई है। इससे पहले सरबजीत से मिलने और उसे रिहा कराने के उद्देश्य से उसका परिवार बुधवार को वाघा सीमा के रास्ते पकिस्तान पहुंचा। उनकी पत्नी सुखप्रीत कौर और दोनों बेटियों-स्वप्नदीप और पूनम ने दोहराया कि सरबजीत निर्दोष हैं। उन्होंने कहा वह भूलवश पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर गए थे। उनका कहना है कि बम धमाकों में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। गौरतलब है कि वर्ष 10 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुए बम विस्फोटों में 14 लोग मारे गए थे। इन धमाकों में सरबजीत की कथित भूमिका के लिए पाकिस्तान की एक अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई थी। उधर बम धमाकों में मारे गए लोगों के परिवार के सदस्य जेल के बाहर नारा लगाते हुए अधिकारियों से मांग कर रहे हैं कि अदालत द्वारा सरबजीत को दी गई फांसी की सजा पर अमल किया जाए। जीशान के पिता उक्त धमाकों में मारे गए थे। जीशान ने कहा, ‘‘जब मैं केवल तीन साल का था मेरे पिता बम धमाकों में मारे गए थे। क्या कोई उन्हें वापस ला सकता है।’’स

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: परिवार के सदस्यों से मिला सरबजीत