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आतंकी बदलेंगे शस्त्र सप्लाई रूट

देश में पूर्वोत्तर के आतंकवादियों, नक्सलियों तथा इस्लामिक आतंकवादी संगठनों का हथियार सप्लाई रूट बदलने वाला है। अभी तक म्यांमार और बांग्लादेश से इन संगठनों को हथियार मिलते रहे हैं। हथियार सप्लाई के गोरखधंधे में मुख्य रूप से पाकिस्तानी खुफिया एजेन्सी आईएसआई और बांग्लादेश की खुफिया एजेन्सी डीजीएफआई शामिल हैं। हथियार के बदले ये एजेन्सियां इन संगठनों से भारी कीमत वसूलते थे। लेकिन अब पड़ोसी राज्य नेपाल में अत्याधुनिक हथियार कौड़ी के भाव मिल रहे हैं। एके 47 हो या एके 56 पांच से दस हजार के बीच में उपलब्ध हैं। राकेट लांचर भी औने पाने दाम में उपलब्ध हैं। भारत में इनकी आमद 1761 किलोमीटर की खुली भारत-नेपाल सीमा से खुलेआम हो रही है। इसे बेचने वाले और कोई नहीं नेपाल के माओवादी हैं। इस बात की जानकारी नेपाल नरेश ज्ञानेन्द्र के साथ नजदीकी रिश्ते रखने वाले सांसद योगी आदित्यनाथ ने ‘हिन्दुस्तान’ के साथ हुई खास बातचीत में दी। उन्होंने बताया कि समझौते के तहत माओवादियों को ये हथियार चुनाव से पहले संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षकों को जमा कराने थे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अब ये हथियार खुलेआम उग्रवादियों को बेचे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी दबाव में नेपाल में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका संदिग्ध रही है। कहा कि संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षकों ने नेपाल के माओवादियों की इस्लामी और पूर्वोत्तर के आतंकवादियों के साथ बैठकें कराईं हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश के नक्सलियों से तो उनके पुराने रिश्ते हैं। उन्होंने बताया कि अपनी इस चिंता से उन्होंने विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी को भी अवगत करा दिया है। यांगी का मानना है कि समय रहते हथियारों की इस आमद को नहीं रोका गया तो ये हथियार देश में भारी तबाही मचा सकते हैं।

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