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कॉल रेट कम हो, नहीं तो कार्रवाई

टेलीफोन ऑपरेटर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर टेलीफोन सुविधाएं दें और इसके लिए जल्द ही एक समिति गठित भी की जा रही है। इसके साथ ही सरकार ने टेलीफोन सेवा प्रदाताओं को चेतावनी दी है कि उन्होंने लेवी वापसी की छूट का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं दिया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ट्राई के इस निर्णय के पीछे उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने की भावना थी। अत: काल टैरिफ कम होनी चाहिए, अन्यथा सरकार इस पर कार्रवाई करगी। गुरुवार को राज्यसभा में संचारमंत्री ए.राजा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीफोन सुविधाएं प्रदान करना निजी टेलीफोन आपरटरों के लिए आवश्यक नहीं है, लेकिन सरकार यूनिवर्सल आब्लीगेशन फंड के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क स्थापित करने के लिए सबसिडी की पेशकश कर रही है। उन्होंने कहा कि निजी आपरटरों द्वारा लेवी भारत संचार निगम लिमिटेड को दी जाती थी जिसे इस वर्ष 1 अप्रैल से खत्म कर दिया गया। लेवी हटाने से एयरटेल और वोडाफोन -ौसी निजी कंपनियों को 500 से लेकर 1000 करोड़ रुपये तक का लाभ होगा। इससे पहले सपा के अमर सिंह ने आरोप लगाया था कि एयरटेल और वोडाफोन-ौसी कंपनियां लेवी वापस लिए जाने पर भारी मुनाफा कमा रही हैं। इस सबके साथ ही पूरक प्रश्नों के जवाब में राजा ने कहा कि उन्होंने एक समिति गठित करने का प्रस्ताव किया है जो ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीफोन सुविधाओं को बढ़ाने के तरीकों पर विचार करगी। उनका कहना था कि अगर कानून में संशोधन की आवश्यकता हुई तो वह भी किया जाएगा। राजा ने कहा कि अगले दो सालों में ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीफोन सुविधाओं में वृद्धि के लिए 18,000 टावरों की स्थापना की जाएगी।

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