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मदरसों में सीबीएसइ पैटर्न की वकालत

राष्ट्रीय मोमिन कांफ्रेंस ने मदरसों में सीबीएसइ पैटर्न पर पढ़ाई की वकालत की है। कांफ्रेंस का मानना है कि मदरसों से पढ़कर निकले छात्र मसजिदों और मदरसों तक सीमित रह जाते हैं। सरकारी और प्राइवेट कंपनियों में काम करने की सलाहियत उनमें विकसित नहीं हो पाती है। एसे में उनकी माली हालत में सुधार नहीं हो पाता है। झारखंड प्रदेश मोमिन कांफ्रेंस की 24 अप्रैल को बैठक में प्रस्ताव पारित कर केंद्र और राज्य सरकार से मांग की गयी कि मदरसों में सीबीएसइ पाठय़क्रम लागू किया जाये। कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हुमांयू अंसारी, प्रधान महासचिव शाहनवाज नैयर अंसारी, डॉ निजाम अंसारी, प्रदेश अध्यक्ष सुलेमान अंसारी और प्रधान महासचिव मोइन अंसारी ने प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। हुमांयू अंसारी ने कहा कि कांफ्रेंस चुनाव में सेक्युलर ताकतों का साथ देगी। भाजपा, कांग्रेस और झामुमो के साथ कोई समझौता नहीं होगा। सेक्युलर दलों के नेताओं से बात करने के बाद मई के अंतिम सप्ताह में रांची में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। नेताओं ने मोमिन विकास निगम, वक्फ बोर्ड, हा कमेटी और अल्पसंख्यक वित्त निगम का जल्द से जल्द गठन करने की मांग की। इसके अलावा उर्दू शिक्षकों और उर्दू अनुवादकों की नियुक्ति करने का आग्रह किया गया। पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पंचायत से लेकर संसद तक लागू करने की मांग गयी। बैठक में शफीक अंसारी, हारून रशीद, असलम अली अंसारी, इसराइल अंसारी, फरहाना खातून, अब्दुल रज्जाक अंसारी, शकील अंसारी, हारून रशीद अंसारी सहित कई लोग मौजूद थे।

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  • Web Title: मदरसों में सीबीएसइ पैटर्न की वकालत