अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भारत से संधि तोड़ेगा नेपाल

नेपाल में नई सरकार का गठन करने जा रहे माओवादियों का इरादा 10 में भारत के साथ हुई शांति और मैत्री संधि को खत्म करने का है। 58 साल पुरानी इस संधि की जगह वे नई वास्तविकताओं के संदर्भ में नया समझौता करना चाहते हैं।ड्ढr नई सरकार के प्रमुख बनने जा रहे माओवादी नेता पुष्प कमल दहल प्रचंड ने कहा, भारत के साथ10 की संधि के प्रति हमारी पुरानी नीति बदली नहीं है। हम इस संधि को तोड़ना चाहते हैं और इसकी जगह बदले हुए संदर्भो में एक नई संधि लेगी। माओवादी इसके अलावा भारत और नेपाल के बीच हुईं अन्य सभी संधियों की समीक्षा भी चाहते हैं। संविधान सभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान माओवादियों ने उक्त संधि को भेदभाव परक बताया था। साथ ही उन्होंने कहा था कि इसे बदलने की जरूरत है। यह माँग नेपाल में आठ साल पहले भी उठी थी।ड्ढr संधि के तहत, रोगार के लिए दोनों देशों के नागरिक बिना किसी दस्तावेज के भारत-नेपाल सीमा पार कर सकते हैं। संधि में इसे खत्म करने का भी एक प्रावधान है और नेपाल संधि से हट सकता है। प्रचंड ने कहा, मैं सोचता हूँ भारत के साथ हमार रिश्तों में अब एक नया आयाम जोड़ा जाना चाहिए। नई दिल्ली में नवंबर 2005 में सात दलों के गठबंधन के साथ 12 सूत्री कार्यक्रम पर हस्ताक्षर करने से लेकर अब सफलतापूर्वक संविधान सभा के चुनाव संपन्न होने तक एक ऐसा वातावरण बना है कि भारत के साथ नए आधार पर नई दोस्ती हो। मेरा मानना है कि नए संदर्भो में भारत और नेपाल के रिश्ते नई ऊँचाइयों पर पहुँचने चाहिए। प्रचंड ने कहा-‘फिलहाल मेरी भारत जाने की कोई योजना नहीं है और न ही मुझे इसका न्योता मिला है।इस यात्रा को लेकर प्रसारित खबरं गलत हैं। उनमें कोई दम नहीं है। हाँ, मैं फोन के जरिए भारतीय नेताओं से लगातार सम्पर्क में हूँ।’ राजनीतिक आकांक्षा के सवाल पर उन्होंने कहा-‘मेरी इच्छा नेपाल का राष्ट्रपति बनने की है ना कि प्रधानमंत्री बनने की। हालाँकि अंतरिम संविधान में राष्ट्रपति का कोई प्रावधान नहीं है लेकिन अन्य दलों से सीपीएन-माओवादी बात कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही कोई समाधान निकल आएगा।’ड्ढr राजशाही के मुद्दे पर प्रचंड ने कहा कि राजा को जनता का फैसला स्वीकार करते हुए खुद ही शाही महल छोड़ देना चाहिए लेकिन अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो संसद की पहली बैठक में राजशाही को खत्म करने का फैसला किया जाएगा। माओवादी राजा को और मोहलत देने के पक्ष में नहीं हैं। क्या अब माओवादी हिंसा छोड़ देंगे इस पर उन्होंने कहा कि अब पार्टी के सदस्य शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं और वह इसका नया मॉडल पेश करंगे।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: भारत से संधि तोड़ेगा नेपाल