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विलय की रूपरेखा तैयार करने में जुटे जदयू-राजद

विलय की रूपरेखा तैयार करने में जुटे जदयू-राजद

बिहार में इसी साल होने वाले चुनावों के चलते जद (यू) व राजद का विलय लगभग तय हो गया है। मकर संक्रांति पर पटना में होने वाले कार्यक्रम में दोनों दलों के सभी नेता एक साथ मौजूद रहेंगे।

विलय के बाद नया अध्यक्ष व नया मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है। बाद में नीतीश कुमार व लालू यादव बिहार में चुनावों की दृष्टि से संयुक्त संपर्क यात्रा भी निकालेंगे। जनता दल परिवार के अन्य दलों का भी विलय कर बड़ी ताकत बनने के लिए अब सपा का रुख अहम हो गया है। मुलायम सिंह यादव के साथ दोनों दलों के नेताओं की शुक्रवार रात या शनिवार को बैठक होगी।

जनता दल परिवार के दलों के विलय के लिए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व जद (यू) के अध्यक्ष शरद यादव ने राजद प्रमुख लालू यादव के साथ गुरुवार देर रात व शुक्रवार को दो दौर की चर्चाएं कीं। इनमें नए दल की रूपरेखा पर विचार विमर्श किया गया। सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के शुक्रवार शाम दिल्ली पहुंचने के बाद बात आगे बढ़ाई जाएगी। जद (यू) व राजद के शीर्ष नेताओं में चले चर्चाओं के दौर में दोनों दलों के विलय का खाका खींच लिया गया है। मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के मामले पर नए दल के गठन के बाद ही फैसला लिया जाएगा।

नए दल में सब कुछ नया होगा
जद (यू) के एक प्रमुख नेता ने कहा है कि जब नया दल होगा तो अध्यक्ष व राज्य में विधायक दल का नेता भी नया ही होगा। बैठकों में नई पार्टी के नाम, नए अध्यक्ष, विधायक दल के नेता व चुनाव चिन्ह के बारे में चर्चा की गई है। नातीश व लालू की कोशिश विलय में सपा को भी शामिल करने की है। लेकिन यह तय है कि अगर सपा इसमें शामिल नहीं होती है, तब भी जद (यू) व राजद का विलय तो होगा ही।

कई नामों पर भी हुई चर्चा
सूत्रों के अनुसार राजद व जद (यू) दोनों नेताओं ने जीतनराम मांझी की जगह दूसरे किसी दलित नेता को कमान सौंपने पर भी चर्चा की है। इसमें जद (यू) की तरफ से श्याम रजक का नाम आया, लेकिन राजद इसके लिए तैयार नहीं है। रमई राम के नाम पर भी सहमति नहीं है। राजद के एक नेता के मुताबिक नए दल की नई भूमिका होगी और उसमें भाजपा से लडम्ने के लिए नीतीश को ही मुख्यमंत्री बनना चाहिए और राजद से मीसा भारती को उप मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए।

विलय की प्रक्रिया सहज नहीं : रघुवंश
राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने राजद व जद (यू) के विलय की चर्चाओं के बीच कहा है कि दोनों दलों के बीच चल रही प्रक्रिया असहज है। इसे नीचे से ऊपर की तरफ होना चाहिए था, न कि ऊपर से नीचे की तरफ।

शाह ने बुलाई बिहार भाजपा कोर ग्रुप की बैठक
इस बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी बिहार की राजनीतिक स्थिति की समीक्षा के लिए 11 जनवरी को दिल्ली में बिहार के कोर ग्रुप की बैठक बुलाई है। इस बैठक में बिहार में सदस्यता अभियान की समीक्षा के साथ राजद-जद(यू) के बीच विलय की संभावित स्थिति पर भी चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार बैठक में हाल में प्रदेश में हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में सुशील मोदी के समर्थकों के हावी रहने व सी पी ठाकुर न गिरिराज सिंह जैसे नेताओं को अहमियत न दने का मुद्दा भी उठ सकता है।

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