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बाघ, शेर और हाथी को लीजिये गोद

अब तक तो शिशुओं को ही गोद लेने की परंपरा रही है, लेकिन अब झारखंड में बब्बर शेर, बाघ, हाथी सहित अन्य जानवरों को भी गोद लिया जा सकता है। राज्य के वन विभाग ने इसकी पहल की है। इन्हें अपने घर नहीं ले जा सकेंगे, बल्कि जविक उद्यान में ही उनका पालन-पोषण किया जायेगा। गोद लेनेवाले व्यक्ित को उक्त जानवर पर होनेवाला खर्च देना होगा। वन विभाग ने ओरमांझी स्थित बिरसा जविक उद्यान में यह योजना लागू की है। उद्यान के निदेशक पीके वर्मा ने बताया कि इसके तहत यहां के जानवरों पर आनेवाला खर्च गोद लेनेवाले व्यक्ित को वहन करना होगा। इधर इस योजना को लेकर कई लोग उत्साहित हैं। जविक उद्यान में अक्सर आनेवाले राजेश कुमार का मानना है कि इस प्रकार की पहल से लोगों का जानवरों के प्रति प्रेम तो बढ़ेगा ही, साथ ही जानवरों के संरक्षण को भी बल मिलेगा। इन्हें ले सकते हैं गोद : शेर, बाघ, हाथी, चीता, तेंदुआ, हिरन, मोर, देशी भालू, लंगूर, बिल्ली, लकड़बग्घा, सियार, लोमड़ी, चीतल, पायथन सांप, मगरमच्छ, घड़ियाल।

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