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तकनीकी संस्थानों से मांगी रिपोर्ट

तकनीकी शिक्षण संस्थानों पर रिपोर्ट देने के लिए बनी स्थायी कमेटी निजी तकनीकी संस्थानों पर नजर रखेगी। इांीनियरिंग, डेंटल, मेडिकल और पॉलिटेकनिक शिक्षा की गुणवत्ता, परीक्षा पद्धति, नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए यह व्यवस्था की गयी है। कमेटी ने ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ टेक्िनकल एंड प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशन के संयोजक से पिछले साल की नामांकन प्रक्रिया के बार में 26 अप्रै्र्र्रल तक रिपोर्ट देने को कहा है। कमेटी की ओर से साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग के डायरक्टर ने एक चिट्ठी भेजी है। सभी निजी तकनीकी संस्थानों से प्र्र्र्रत्येक विषय के प्रश्नपत्र, परीक्षा में एक से पांच तथा 121 से 124 रैंक लानेवाले उम्मीदवारों की उत्तरपुस्तिकाएं, छात्रों के बीच सीटों के बंटवांरे संबंधी ब्यौरा, प्रश्नपत्र सेटरों की योग्यता एवं उनका पता, काउंसिलिंग की पद्धति के बारें में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। जवाब देने के लिए संस्थानों ने दस दिन का समय मांगा है। कमेटी ने संस्थानों को निर्देश दिया है कि वर्ष 2008-0में जो भी प्रवेश परीक्षाएं ली जायें ,वह कमेटी की पूर्वानुमति के बाद ही ली जायें। चेयरमैन न्यायमूर्ति विक्रमादित्य प्रसाद का कहना है कि कमेटी का उद्देश्य निजी तकनीकी संस्थानों की परीक्षा पद्धति को स्वच्छ और पारदर्शी बनाना है। क्या है स्थायी कमेटी सुप्रीम कोर्ट के आदेश से यह कमेटी गठित की गयी है। इसके चेयरमैन सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विक्रमादित्य प्रसाद हैं। अभी कमेटी का पूर्ण गठन नहीं हुआ है। तीन सदस्यीय इस कमेटी में विभागीय सचिव इसके सदस्य हैं। कमेटी में एक प्रसिद्ध डाक्टर और इांीनियर को होना है। इसकी प्रक्रिया चल रही है।

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