DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बिहार -झारखंड मिलकर निबटेंगे नक्सली हिंसा से

बिहार एवं झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती नक्सली हिंसा से निपटने के उपायों पर विचार करने के अलावा दोनों राज्यों की पुलिस और रल पुलिस के बीच तालमेल कायम करने के उद्देश्य से गुरुवार को यहां हुई पुलिस उच्चाधिकारियों की बैठक में अत्याधुनिक संसाधनों के अभाव का रोना रोया गया। इस बैठक के बाद स्थानीय संवाददाताओं से मुखातिब हुए बिहार के रल आईाी अमरीक सिंह निम्ब्रान ने इसे एक रूटीन बैठक के अलावा कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बैठक में हुई चर्चा एवं इसमें लिए गये फैसलों को जनहित में सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। उन्होंने लखीसराय में ही यह बैठक आयोजित करने के पीछे सेंटर प्वाइंट को कारण बताया।ड्ढr ड्ढr सूत्रों ने बताया कि बैठक में नक्सली हिंसा से निपटने में पुलिस के पास अत्याधुनिक हथियारों एवं अन्य संसाधनों की कमी का रोना रोया गया। जिला पुलिस और रल पुलिस के बीच असहयोग के अलावा बिहार और झारखंड पुलिस के बीच भी इस मुद्दे पर तालमेल के अभाव का मामला भी गर्म रहा। नेपाल में हुए आम चुनावों में माओवादियों को मिली भारी सफलता से बिहार और झारखंड पर पड़ने वाले इसके संभावित कुप्रभावों के मद्देनजर इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण समझा जा रहा है।ड्ढr ड्ढr बिहार के रल आईाी अमरीक सिंह निम्ब्रान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आईाी (ऑपरशन) एसके भारद्वाज, भागलपुर एवं दुमका के आईाी क्रमश: राधाकृष्ण किन्नी एवं हरकृष्ण मिश्र , मुंगेर के डीआईाी मनोहर प्रसाद सिंह, आसनसोल आरपीएफ के डीएससी मो. नुरूल होदा, धनबाद एवं जमालपुर के एसआरपी क्रमश: शशिनाथ झा एवं विमल कुमार के अलावा मुंगेर जमुई, लखीसराय, बांका, देवघर तथा गिरीडीह के एसपी ने भाग लिया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: बिहार -झारखंड मिलकर निबटेंगे नक्सली हिंसा से