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बसपा संगठन में भारी फेरबदल

लोकसभा चुनाव की तैयारी को तेज करते हुए बहुजन समाज पार्टी प्रमुख एवं राज्य की मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को पार्टी संगठन में आमूल-चूल फेरबदल कर दिया। उन्होंने पार्टी की सारी इकाइयाँ भंग कर दीं। साथ ही, काबीना मं7ाी कमलाकान्त गौतम को राज्य मंत्रिमण्डल से हटाने और हाल ही में मुरादनगर विधानसभा सीट का उपचुनाव जीत कर आए राजपाल त्यागी को मंत्री बनाने का भी एलान किया। यह भी साफ कर दिया कि कोई भी मौजूदा विधायक लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगा। अपवाद सिर्फ विधान परिषद सदस्य होंगे जिनमें से कुछ को पार्टी लोकसभा चुनाव लड़ाएँगी। इसके साथ ही उन्होंने संगठन में नई जिम्मेदारियाँ तय करते हुए 31 अगस्त तक बूथ स्तर तक नई कमेटियों के गठन का निर्देश दिया।ड्ढr बसपा प्रमुख ने अपने सरकारी आवास पर दिन भर चली चार अलग-अलग बैठकों में हालिया उपचुनाव में दो लोकसभा और तीन विधानसभा सीटों पर मिली जीत के लिए सबको बधाई दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने के लिए अभी से युद्धस्तर पर कोशिश की जानी है और इसके तहत सभी लोग अपने-अपने क्षेत्रों में जुट जाएँ। उन्होंने पार्टी जोन और मण्डल कोऑर्डिनेटरों के कामकाज में फेरबदल भी किया। पार्टी की विभिन्न भाईचारा कमेटियों के लिए नए सिर से जिम्मेदारी तय करते हुए उन्होंने इसे सामाजिक भाईचारा कमेटी का नाम दिया। पार्टी की सभी सामाजिक भाईचारा कमेटियों की जिम्मेदारी काबीना मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा को दी जबकि क्षत्रिय समाज की अलग-अलग जोन की जिम्मेदारी मंत्रियों ठाकुर जयवीर सिंह, जयवीर सिंह, फतेहबहादुर सिंह और विनोद सिंह को दी। बुन्देलखण्ड, आजमगढ़ समेत कई जोन की जिम्मेदारी काबीना मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी को दी गई।ड्ढr बसपा प्रमुख ने कहा कि जो एमएलसी लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे उन्हें चुनाव हारने पर पार्टी राज्यसभा या विधानपरिषद में नहीं भेजेगी। जानकार सूत्रों के अनुसार कृषि शिक्षा मंत्री कमलाकान्त गौतम के मछलीशहर संसदीय सीट से चुनाव लड़ने की बात है। इसी कारण बसपा प्रमुख ने उन्हें शुक्रवार को मंत्रिमण्डल से हटाने की बात कही है। बाद में सांसदों के साथ हुई एक अलग बैठक में बसपा प्रमुख ने सभी सांसदों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर चुनाव की तैयारियों में लगने के लिए कहा। इस बैठक में सांसदों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याएँ भी बताईं। मुख्यमंत्री ने सांसदों को उनकी समस्याओं का निराकरण कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर सांसदों ने क्षेत्रीय विकास से संबंधित प्रार्थनापत्र भी दिए। उन्होंने सांसदों से क्षेत्रीय विकास कार्यो को ईमानदारी से कराने का भी निर्देश दिया। अंत में, मुख्यमंत्री ने देर रात तक पार्टी विधायकों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री हर विधायक से अलग-अलग मिलीं। उनके दुखड़े सुने और जल्द ही सकारात्मक बदलाव का आश्वासन दिया। विधायकों ने खुलकर अफसरों द्वारा की जाने वाली उपेक्षा की ओर भी उनका ध्यान दिलाया।ं

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