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तीसरा टेस्ट ड्रॉ, ऑस्ट्रेलिया ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीती

तीसरा टेस्ट ड्रॉ, ऑस्ट्रेलिया ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीती

भारत ने तीसरे क्रिकेट टेस्ट में आज यहां पांचवें और अंतिम दिन शर्मनाक हार को टालते हुए मैच ड्रॉ कराया, लेकिन इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी दोबारा जीतने में सफल रहा।

शान मार्श के 99 रन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 70 ओवर में 384 रन का बेहद कड़ा लक्ष्य दिया। भारतीय बल्लेबाजी क्रम इसके बाद एक बार फिर संकट में घिरा लेकिन टीम मैच ड्रा कराने में सफल रही। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित हो गया कि इस बार भारत को वाइटवाश का सामना नहीं करना पड़ेगा।

भारत ने जब छह विकेट पर 174 रन बनाये थे और चार ओवर का खेल बाकी था तब दोनों कप्तान मैच ड्रा कराने को राजी हो गए। इस समय 66 ओवर का खेल हो चुका था और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी 24 जबकि रविचंद्रन अश्विन आठ रन बनाकर खेल रहे थे। इस जोड़ी ने बेहद दबाव के बावजूद ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों को 11 ओवर तक विकेट से महरूम रखा।

ऑस्ट्रेलिया को श्रृंखला और ट्रॉफी जीतने के लिए मैच को सिर्फ ड्रा कराने की जरूरत थी और उसने सुबह पूरे सत्र में बल्लेबाजी करते हुए भारत की जीत की किसी भी संभावना को खत्म कर दिया। इस ड्रा के साथ ऑस्ट्रेलिया ने चार मैचों की श्रंखला में 2-0 की निर्णायक बढ़त बना ली है।

भारतीय पारी का आकर्षण विराट कोहली (54) और अजिंक्य रहाणे (48) के बीच चौथे विकेट के लिए 85 रन की साझेदारी रही। ये दोनों उस समय बल्लेबाजी के लिए उतरे थे, जब भारत शिखर धवन (00), मुरली विजय (11) और लोकेश राहुल (01) के विकेट खोने के बाद तीन विकेट पर 19 रन बनाकर संकट में था।

कोहली ने 99 गेंद का सामना करते हुए सात चौके मारे जबकि रहाणे ने 117 रन की पारी के दौरान तीन घंटे से अधिक समय विकेट पर बिताया और छह चौके मारे। भारत ने इसके अलावा चेतेश्वर पुजारा (21) का विकेट गंवाया, जो मिशेल जानसन की धीमी गेंद को चूककर बोल्ड हुआ जिसके बाद धौनी और अश्विन ने टिककर बल्लेबाजी करते हुए मैच ड्रॉ कराया। श्रृंखला का चौथा और अंतिम टेस्ट छह जनवरी से सिडनी में खेला जाएगा।

मैच का अंतिम सत्र काफी रोचक बन गया जब कोहली सत्र की पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए। उन्होंने रेयान हैरिस की गेंद पर स्क्वायर लेग पर कैच थमाया। पुजारा ने काफी रन नहीं बनाए लेकिन उन्होंने 70 गेंद का सामना किया और इस दौरान रहाणे के साथ मिलकर 16.5 ओवर खेले जिससे टीम को मैच ड्रा कराने में मदद मिली। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 37 रन जोड़े।

पुजारा जानसन की शानदार रणनीति का शिकार हुए। पारी के 51वें ओवर में जानसन की शार्ट गेंद गेंद पुजारा के हेलमेट में लगी जबकि दो गेंद बाद वह फुल लेंथ गेंद पर बोल्ड हो गए। चार ओवर बाद रहाणे भी हेजलवुड की गेंद को पुल करने के प्रयास में मिडविकेट पर शान मार्श को आसान कैच दे बैठे। इस समय 15 ओवर का खेल बाकी थी और सिर्फ चार विकेट के साथ भारत पर हार का खतरा मंडरा रहा था लेकिन धौनी और अश्विन ने मैच ड्रॉ करा दिया। अश्विन हालांकि एक रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे जबकि वाटसन ने पहली स्लिप में उनका कैच छोड़ा।

लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत काफी खराब रही और उसने दूसरे ओवर में ही धवन का विकेट गंवा दिया जिन्हें हैरिस ने पगबाधा आउट किया। टीम प्रबंधन ने राहुल को तीसरे नंबर पर खिलाने का फैसला किया लेकिन पदार्पण कर रहा यह बल्लेबाज एक बार फिर खराब शाट खेलकर मिशेल जानसन की गेंद पर शेन वाटसन को कैच दे बैठा। इससे भारत का स्कोर दो विकेट पर पांच रन हो गया।

कोहली इसके बाद चार रन के निजी स्कोर पर रन आउट होने से बचे। कोहली शाट खेलने के बाद दौड़ पड़े लेकिन दूसरे छोर पर खड़े विजय ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। डेविड वार्नर के खराब थ्रो के कारण ही भारतीय बल्लेबाज वापस क्रीज पर लौट पाया। विजय हालांकि नौ रन बनाने के बाद हेजलवुड की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए। पहली पारी की तरह एक बार फिर भारत को संकट से उबारने की जिम्मेदारी कोहली और रहाणे पर थी। इन दोनों ने जानसन की शार्ट गेंदों का डटकर सामना किया और कई आकर्षक शाट खेले। दोनों ने 18वें ओवर में टीम का स्कोर 50 रन तक पहुंचाया।

भारत ने 33वें ओवर में रनों का सैकड़ा पूरा किया जबकि इस दौरान कोहली भी 87 गेंद पर अर्धशतक जड़ने में सफल रहे। चाय के विश्राम से पहले हालांकि रहाणे भाग्यशाली रहे जब 22 रन के निजी स्कोर पर क्रिस रोजर्स ने जानसन की गेंद पर प्वाइंट पर उनका कैच टपका दिया। कोहली इसके बाद एक बार फिर रन आउट होने से बचे जब नाथन लियोन थ्रो को पकड़ने में विफल रहे।

सुबह के सत्र में ऑस्ट्रेलिया ने लंच तक नौ विकेट पर 318 रन बनाने के बाद अपनी पहली पारी घोषित की। उसकी कुल बढ़त 383 रन की रही। ऑस्ट्रेलिया की ओर से शान मार्श एक रन से शतक से चूक गए। उन्होंने 215 गेंद में 11 चौकों और दो छक्कों की मदद से 99 रन बनाए। चौथे दिन के ओवरों की भरपाई के लिए आज खेल आधा घंटा जल्द शुरू हुआ, लेकिन तीन गेंद बाद ही बारिश आ गई जिसके कारण 40 मिनट तक खेल रुका रहा।

दोबारा खेल शुरू होने पर मार्श और रेयान हैरिस (21) ने धीमी बल्लेबाजी की। सुबह के सत्र में सिर्फ 57 रन बने। सुबह के सत्र में पहला चौका दिन के आठवें ओवर में लगा। ऑस्ट्रेलिया ने इस बीच 92वें ओवर में 300 रन पूरे किए। सुबह एक घंटे का खेल होने के बाद दोबारा बारिश आई और मैच 10 मिनट रोकना पड़ा। ओवरों की संख्या में हालांकि कोई कमी नहीं की गई है।

खेल शुरू होने पर हैरिस ने मोहम्मद शमी (92 रन पर दो विकेट) की गेंद पर विकेट के पीछे कैच थमाया। मार्श ने इसके बाद रविचंद्रन अश्विन (75 रन पर दो विकेट) के पारी के 95वें ओवर में छक्का और चौका मारा। उन्हें इसी ओवर में अश्विन ने 86 रन के स्कोर जीवनदान भी दिया। मार्श हालांकि दो ओवर बाद तेज रन लेने की कोशिश में मिड आफ से कोहली के सटीक निशाने का शिकार बने।

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