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नौ कर्मचारियों का वेतन बंद

जिले के अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए अब रात में औचक निरीक्षण किया जायेगा। इसकी शुरुआत हो गयी है। सिविल सर्जन डॉ श्यामसुंदर सिंह ने गुरुवार की रात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओरमांझी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां नौ कर्मचारी अनुपस्थित थे। इन सभी का वेतन बंद करते हुए स्पष्टीकरण पूछा गया है। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले के कई अस्पतालों में 24 गुणा सात की व्यवस्था लागू है। इसके तहत अस्पतालों को सातों दिन और 24 घंटे खुला रखना है। 24 अप्रैल को निरीक्षण के दौरान ओरमांझी पीएचसी में शालिनी नायक, रणू मुखर्जी, प्रीति दत्ता, हीरा कुमारी, बिंदू कुमारी, सुनीता सिन्हा, मेरी केरकेट्टा, कारु महतो और नरश प्रसाद साहू अनुपस्थित मिले। इन सभी कर्मचारियों को तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। सिविल सर्जन ने बताया कि अब वे रात में अस्पतालों का निरीक्षण करंगे। वैसे अस्पताल, जहां 24 गुणा सात की व्यवस्था लागू है, उन्हें हर समय खुला रहना है। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जायेगा। 23 अप्रैल को स्वास्थ्य मंत्री भानू प्रताप शाही ने भी ओरमांझी पीएचसी का निरीक्षण किया था। उस समय भी अस्पताल में ताला लटका था। इससे गुस्साये मंत्री ने चिकित्सकों, कर्मचारियों का वेतन बंद करने का निर्देश दिया है। उन्होंने सिविल सर्जन और एसीएमओ का भी वेतन बंद करने को कहा है।

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